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किसान मतदाताओं की बढ़ी पूछ-परख, उम्मीदवार और समर्थक सुबह से लगा रहे दौड़

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 6 2018 8:43PM
किसान मतदाताओं की बढ़ी पूछ-परख, उम्मीदवार और समर्थक सुबह से लगा रहे दौड़
सुरजपुर, 06 नवंबर (हि.स.) छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सोमवार को नाम वापसी के बाद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों को निर्वाचन विभाग ने चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है। इसके बाद से विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान और तेज हो चुका है। लेकिन वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क करना उम्मीदवार और उनके समर्थकों को मशक्कत करनी पड़ रही हैं, जिसका मुख्य कारण धान कटाई और मिंजाई हैं। ऐसे में वोट और अपना चुनावी चिन्ह को लेकर प्रचार प्रसार के लिए पहुंच रहे उम्मीदवार उनके समर्थको को ग्रामीण क्षेत्रों में गिने चुने लोग ही मिल रहे हैं। मजबूरन इन्हें खेत खलिहान में जाना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर तो दिलचस्प पहलू यह भी हैं कि राजनीतिक दलों के हो या निर्दलीय प्रत्याशी, कार्यकर्ता व पदाधिकारी ग्रामीण वोटरों को रिझाने के लिए धान कटाई- मिंजाई कार्य में हाथ भी बटा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह नजारा जैसे-जैसे मतदान का समय पास आ रहा है वैसे-वैसे ही कवायद तेज होती जा रही है। पकी धान की बालियां और धान बिक्री बन रही उलझन नवंबर महीना धान कटाई के बाद धान खरीदी केेंद्र तक बिक्री के लिए पहुंचाने का अमूमन हर वर्ष किसानों के लिए मुख्य समय होता है। वहीं, दूसरी तरफ जिले में धान बिक्री की राशि व बोनस एक साथ होने की वजह से किसानों ने धान की खेती बड़े पैमाने पर की है। धान की बालियां पक गई हैं ऐसे में उनके पास अब घर में बैठने का समय नहीं है। घर से सुबह ही किसान परिवार सहित खेतों में धान कटाई और खलिहान में धान की मिंजाई कराने में व्यस्त हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जनसंपर्क के लिए पहुंच रहे उम्मीदवारों व उनके समर्थकों को किसान मतदाताओं से मिलने खेतों तक पहुंचने की मजबूरी बन आई है। किसान मतदाताओं की अचानक पूछ-परख बढ़ गई है। इस बार के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार प्रसार कार्य परेशानी के रूप में जरूर सामने आ रही है। हिन्दुस्थान समाचार/चंद्र नारायण
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