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दीपावली पर्व के उपहारों पर राज्य निर्वाचन आयोग की पैनी नजर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 6 2018 8:23PM
दीपावली पर्व के उपहारों पर राज्य निर्वाचन आयोग की  पैनी नजर
आदर्श आचार संहिता उलंघन को देखते हुए अफसरों की टीमें उम्मीदवारों की कर रही निगरानी रायपुर, 06 नवम्बर (हि.स.)। दीपावली के पर्व पर मतदाताओं को रिझाने के लिए उम्मीदवारों के साथ ही सभी पार्टियां हर संभव हथकंडा अपना सकते हैं। इनमें पर्व की आड़ में उपहार सहित अन्य चीजें शामिल है। आदर्श आचार संहिता को लेकर इन सब को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की निगाहें टेढ़ी हो गई है। माना जा रहा है, इससे पार्टियों के उम्मीदवार मतदाताओं की खरीद-फिरोख्त कर अपने पक्ष में मतदान करने की बात कर सकते है। इसको देखते हुए उम्मीदवारों से लेकर पार्टियों की गतिविधियों पर राज्य चुनाव आयोग उम्मीदवारों, उनके समर्थकों व पार्टियों की निगरानी कर रहे हैं। प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान 12 नवम्बर को होने वाले हैं। चुनाव में सियासी पार्टियों के उम्मीदवारों ने वैसे तो अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन मतदान से ठीक पूर्व दीपावली के त्योहार ने उनकी चिंताओं को बढ़ा दिया है। यह चिंता मतदाताओं को अपने-अपने पाले में करने का सुनहरा मौका भी लेकर आया है। तो दूसरी तरफ मतदाता भी इस अवसर का कोई भी मौका नहीं गंवाना चाहते हैं। एक की जरुरत तो दूसरे के सहयोग के बिना चुनाव में जीत की राह पक्की न होने से पर्व पर उपहार देने का नायाब रास्ता निकाला गया है। उम्मीदवारों की इस मंशा को भांपते ही राज्य चुनाव आयोग सख्त हो गया है। सख्ती का आलम यह है कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ राज्य निर्वाचन अधिकारी सुब्रत साहू ने एक विशेष टीम निगरानी के लिए बनाई है। यह टीम सभी पार्टियों व उनके उम्मीदवारों से लेकर समर्थकों की हर गतिविधियों पर दीपावली के पर्व पर नजरें गड़ाए हुए हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव के चलते उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को उपहार देकर आदर्श आचार संहिता का उलंघन कर सकते हैं। जिसके लिए उनकी निगरानी किया जाना आवश्यक है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निगरानी में लगे अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंगलवार को नरक चतुर्दशी व बुधवार को दीपावली के दिन सभी उम्मीदवारों के पूरे कार्यक्रमों की निगाहें व जानकारी रखना और उनके द्वारा की जा रही छोटी-बड़ी सभी योजनाओं की रिपोर्ट तैयार करना है। अगर कोई भी प्रत्याशी आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते पकड़ा गया तो उसका नामांकन तक रद्द किया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/मोहित/चंद्र नारायण
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