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प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में दो पीढ़ियों के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 8:42PM
प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में दो पीढ़ियों के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला
सूरजपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय के प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र की चुनावी तस्वीर सोमवार को साफ हो गई हैं। दो लोगों ने नाम वापस लिया है और दोनों भाजपा से टिकट के उम्मीदवार के दावेदारों में थे। मानमनौवल के बाद इन्हें मना लिया गया। क्षेत्र के चर्चित इस विधानसभा क्षेत्र में अब कुुुल 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। यहां से भाजपा ने इस बार नए चेहरे पर दांव लगाते हुए विजय प्रताप सिंह के नाम का ऐलान कर दिया है। इस उम्मीदवारी के ऐलान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र से दो पीढ़ियों के बीच मुकाबला होना है और यह पहला अवसर होगा जब एक तरफ 72 वर्षीय खेलसाय सिंह जो कांग्रेस से उम्मीदवार हैं। जिनका राजनीति अनुभव होगा तो दूसरी ओर विजय प्रताप सिंह जैसा युवा मैदान में है। यही नहीं इस क्षेत्र से जो और दावेदारों के नाम सामने आए हैं। उनमें भी सभी युवा ही हैं। जिसमें प्रमुख रूप से जोगी कांग्रेस के पंकज तिवारी, गोड़वाना गणतंत्र पार्टी से जयनाथ सिंह केराम, निर्दलीय आलोक साहू, सीमा सिंह टेकाम सहित 7 अन्य उम्मीदवार हैं। फिलहाल जो स्थिति बनती दिख रही है। उसमें प्रेमनगर क्षेत्र में इस बार चुनाव और चुनावों से अलग व बेहद दिलचस्प तथा रोचक होने के आसार हैं। एक तरफ अनुभव का भण्डार है तो दूसरी तरफ पिता की विरासत के बीच के मुकाबले में कौन किस पर भारी पड़ेगा यह सवाल बना रहेगा। कांग्रेस के खेलसाय सिंह के पास सांसद, विधायक रहने का लंबा अनुभव है तो विजय प्रताप सिंह अविभाजित सरगुजा जिला के जिला पंचायत अध्यक्ष तथा वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं। सबसे अहम यह कि वे पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के साथ क्षेत्र में कद्दावर आदिवासी नेता के रूप में प्रख्यात रहे स्व. शिवप्रताप सिंह के पुत्र हैं जो उनकी राजनीतिक विरासत है। लिहाजा दो आदिवासी दिग्गजों के बीच इस सियासी टकराहट में यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस के खेलसाय सिंह की छवि बेदाग व सरल-सहज की है। लेकिन उन पर निष्क्रिय रहने का आरोप गाहे बगाहे लगता रहा है। तो वहीं विजय प्रताप भी आरोपों से बेदाग नहीं है। वे कई आरोपों से घिरे हुए हैं। इतना ही नहीं अधिकृत घोषणा के पहले से ही उन पर लगे आरोप क्षेत्र में मुद्दा बना हुआ है और जाहिर है कि चुनाव के गर्माहट के बीच ये मुद्दे और गर्म होंगे। बहरहाल यह उम्मीद की जा रही थी कि अब चुनावी माहौल में गर्माहट आएगी। लेकिन घोषणा के बाद भी बनी खामोशी और उत्साह की कमी इस ओर इशारा कर रही है कि आने वाले दिनों में दोनों ही प्रत्याशियों को गंभीर चुनौतियों से जुझना पड़ेगा। टिकट को लेकर जिस ढंग से मारामारी थी उससे ऐसा लगता है कि दोनों ही दलों में भितरघात के खतरे के आसार है। ऐेसे में यह देखना दिलचस्प होगा इन चुनौतियों से जुझने क्या-क्या उपक्रम किए जाते हैं। 26 अक्टूबर से 5 नवम्बर के बीच रही ऐसी स्थिति विधानसभा चुनाव के लिए प्रेमनगर चुनावी मैदान में 26 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक चली। जिसमें लगभग 20 लोगों ने नामांकन जमा किया था। जिसमें से 5 लोगों के नामांकन रद्द कर दिए गए। जिनके नाम अमृत सिंह, तिलेश्वरी, राजेश भगत, खेलसाय राजवाड़े, विरेन्द्र जायसवाल बताए गए हैं।इसमें से कई उम्मीद्वार ऐसे रहे जो भाजपा-कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और टिकट की प्रत्याशा में थे। ऐसे लोगों को मनाने का कार्य 4 नवम्बर तक चली। 5 नवम्बर को भाजपा से जुड़े राजलाल राजवाड़े दरोगा सिंह ने अपना नाम वापस लिया है। इसके बाद चुनावी तस्वीर भी साफ हो गई हैं। उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आबंटित विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर से उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिया गया है। जिसमें कांग्रेस से खेलसाय सिंह को पंजा , भाजपा से विजय प्रताप सिंह को कमल फूल, आम आदमी पार्टी से अजय जैन को झाडू, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से पंकज तिवारी को हल जोतता किसान, खेमराज सिंह को लेटर-बाॅक्स , गोड़वाना गणतंत्र पार्टी से जयनाथ सिंह केराम को आरी, मालती बिहारी को तीर, आलोक साहू को चाभी, कृष्ण कुमार देवांगन को अलमारी , देवकुमारी सिंह साण्डिल्य को कैरमबोर्ड, विद्याबाई बघेल को चलाता ट्रैक्टर, सीमा सिंह टेकाम को ब्लैकबोर्ड , सूरजलाल रवि को फूलगोभी चुनाव चिन्ह आबंटित हुए है। हिन्दुस्स्थान समाचार/विक्की/चंद्र नारायण
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