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राज बब्बर ने दिया स्पष्टीकरण, नक्सलवाद को कहा था एक क्रांति

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 4 2018 8:37PM
राज बब्बर ने दिया स्पष्टीकरण, नक्सलवाद को कहा था एक क्रांति
रायपुर, 04 नवंम्बर (हि.स.)। नक्सलवाद मामले पर छत्तीसगढ़ में प्रचार कर रहे कांग्रेस के स्टार प्रचारक राज बब्बर ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर स्पष्टीकरण दिया है। ट्वीट में उन्होंने नक्सलवाद एक क्रांति मामले में जवाब दिया, लेकिन वो अभी भी फंसते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि जो वीडियो राजबब्बर ने ट्वीट किया है वो वीडियो हिन्दुस्थान समाचार ने बनाया था। वीडियो में राज बब्बर नक्सलियों का महिमंडन करते दिख रहे हैं। आज अभिषेक मनु सिंघवी ने भी नक्सलवाद एक क्रांति मामले पर सफाई देते हुए कहा कि राज बब्बर की बात को दूसरे ढंग से देखा गया है। सिंघवी ने कहा कि राज बब्बर देश के जवानों के साथ हैं और पूरी कांग्रेस पार्टी देश के जवानों के साथ खड़ी है। गौरतलब हो कि राज बब्बर कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शनिवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। हिन्दुस्थान समाचार के पत्रकार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में नक्सलवाद को एक क्रांति कहा था। जिस पर पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया था। राज बब्बर ने ट्वीट में लिखा राज बब्बर ने बात को घुमाते हुए लिखा कि क्रांति, विचार-व्यवहार से होती है, हथियार से नहीं। बंदूक से सवालों के हल ढ़ूढ़ना आतंकवाद है। पूर्व में ख़ुद हमने अपना नेतृत्व खोया है। दुख है कि 13 साल बाद भी रमन सरकार मसले पर टोटल फेलियर है। राज बब्बर का बयान राज बब्बर ने नक्सलवाद एक क्रांति मामले पर कहा था कि अभाव में जो होता है वो क्रांति होती है। जो अधिकारों के लिए लड़ता है उसे उसके अधिकार मिलने चाहिए। बाद में राज बब्बर ने बात को घुमा दिया। आपको बता दें कि कुछ साल पहले कई कांग्रेसी नेताओं को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था, अभी दंतेवाड़ा में जवानों पर हमला हुआ जिसमें दूरदर्शन के पत्रकार की मौत हो गई थी। राज बब्बर ने नक्सलवाद समस्या पर कहा कि नक्सलियों के सवालों का जवाब देना पड़ेगा, और अपने अधिकारों के लिए लड़ना गलत नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा नक्सलवाद गंभीर समस्या शनिवार के मामले को तूल पकड़ते देख राज बब्बर ने ट्वीट किया और रविवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि माओवाद खत्म नहीं हुआ तो फिर क्यों भाजपा कहती है कि माओवाद समाप्त हो गया है? सिंहवी ने कहा कि राज बब्बर ने देश के सामने स्पष्टीकरण दे दिया है। आतंकवाद और नक्सलवाद दोनों गंभीर समस्याएं हैं। इसका निवारण केन्द्र सरकार को करना चाहिए था। हिन्दुस्थान समाचार के सवाल पर पूरा देश राज बब्बर को कटघरे में खड़ा कर रहा है कि नक्सलवाद से क्या नक्सली अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकते हैं? अगर नहीं तो नक्सलवाद क्रांति कैसे हो सकता है। जो नक्सलवाद हमारे देश के कई जवानों को निगल चुका है, वो कैसे सही हो सकता है? आपको बता दें कि नक्सली हमलों में अभी कुछ दिन पहले ही जवान और एक पत्रकार शहीद हुए थे। हिन्दुस्थान समाचार/मधुकर बाजपेयी/चंद्र नारायण/बच्चन
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