Hindusthan Samachar
Banner 2 रविवार, जुलाई 22, 2018 | समय 21:40 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

गृह मंत्रालय की आपत्ति दरकिनार, भारत में ‘बैंक ऑफ चाइना’ को मिली हरी झंडी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 11 2018 5:27PM
गृह मंत्रालय की आपत्ति दरकिनार, भारत में ‘बैंक ऑफ चाइना’ को मिली हरी झंडी

नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स.)। भारत में चीन के बैंकों को खोलने के लिए गृह मंत्रालय की आपत्ति के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से किया अपना वादा पूरा करते हुए उनके बैंक को देश में आने की अनुमति दे दी है।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने चीन के औद्योगिक-वाणिज्यिक बैंक (आईसीबीसी) की दूसरी शाखा खोलने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जताते हुए यह स्पष्ट किया है कि चीनी बैंक के कर्मचारियों के ऐसी गतिविधियों में शामिल होने की भी आशंका है जो देश को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बावजूद इसके देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने इसे मंजूरी दे दी।

हालांकि आईसीबीसी कुल संपत्तियों के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बैंक है। इसकी एक शाखा मुंबई में पहले ही संचालित हो रही है। पिछले साल इस बैंक ने नई दिल्ली में अपनी दूसरी शाखा खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास अर्ज़ी लगाई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, इस पर वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से राय मांगी। गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर अपनी असहमति जताई है। इसका कारण यह बताया गया है कि आईसीबीसी में चीन के 11-12 नागरिक काम कर रहे हैं। यह नियमों का खुला उल्लंघन है क्योंकि बैंक को चीन के सिर्फ 3-4 नागरिकों को ही काम पर रखने की अनुमति है।

यही नहीं, विदेशी नागरिकों के लिए स्थापित क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में भी आईसीबीसी में कार्यरत चीन के सिर्फ 3-4 नागरिक ही पंजीकृत हैं। बाकी सभी बिना पंजीकरण के ही अनधिकृत रूप से बैंक में काम करते रहे। पंजीकरण की प्रक्रिया से बचने के लिए 6 महीने की निर्धारित समयावधि पूरी होने से पहले ही बाकी सभी अपने देश वापस लौट गए।

इसी तथ्य के मद्देनजर गृह मंत्रालय का मानना है कि संभव है आईसीबीसी के ये अतिरिक्त कर्मचारी किन्हीं अवांछित गतिविधियों में भी शामिल रहे हों। इसी आधार पर मंत्रालय ने आईसीबीसी को दूसरी शाखा की अनुमति नहीं दी।

हिन्दुस्थान समाचार/ रवीन्द्र मिश्र

image