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ईटानगर हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश: पेमा खांडू

By HindusthanSamachar | Publish Date: Feb 25 2019 9:22PM
ईटानगर हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश: पेमा खांडू
ईटानगर, 25 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि ईटानगर हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सोमवार की शाम सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री खांडू ने घोषणा की है कि हिंसा में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को एकमुश्त 20 लाख रुपये व परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो हिंसक आंदोलन हुआ है, वह स्थायी आवासीय प्रमाण पत्र (पीआरसी) के लिए नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी राजनीति है। उन्होंने कहा कि जिस दिन 48 घंटे के राजधानी बंद का आह्वान किया गया था, उसके दूसरे दिन ही सरकार ने पीआरसी को सदन में पेश नहीं करने की घोषणा करते हुए इस पर कोई कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके हिंसा हुई, जिससे यह साबित होता है कि इसके पीछे एक गहरा षडयंत्र है। मुख्यमंत्री सरकार ऐसा कोई भी काम नहीं करने वाली है, जो राज्य के नागरिकों के विरूद्ध हो। पीआरसी को दुबारा नहीं लाया जाएगा। इससे पहले दोपहर को मुख्यमंत्री खांडू के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिस्सा लेते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बातों से सरकार को अवगत कराया। दूसरी ओर, एक सर्वदलीय बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें विपक्षी पार्टी कांग्रेस, पीपीए, एनपीपी आदि के प्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया जबकि, भाजपा के नेताओं व छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सर्वदलीय बैठक के बाद देर शाम कैबिनेट की बैठक हुई है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बैठक में लिए गए निर्णयों से मीडिया को अवगत कराया। मीडिया द्वारा हिंसा के दौरान कम पुलिस बल की तैनाती को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में इस तरह के हालात पहले कभी भी देखे नहीं गया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है। यहां पर हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने लोगों से राज्य में शांति बनाए रखने, आपसी भाईचारे को बहाल रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार तक पूरी स्थिति सामान्य हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि गुरुवार से आरंभ हुए हिंसक आंदोलन के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों की पुलिस की गोली से मौत हो गई जबकि छह प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हैं। राजधानी के पुलिस अधीक्षक एम हर्षवर्धन समेत एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। जबकि हिंसा के दौरान 150 से अधिक वाहनों को क्षतिग्रस्त व कुछ को आग के हवाले कर दिया गया। रविवार को उप मुख्यमंत्री चोना मीन के घर को जलाने के साथ ही ईटानगर जिलाधिकारी के कार्यालय में तोड़फोड़, ईटानगर थाने में तोड़फोड़, नाहरलगुन स्थित वन मंत्री नाबाम रेबिया के शॉपिंग मॉल को फूंका गया। नाहरलगुन स्थित शोहम शॉपी मॉल में भी तोड़फोड़ व उसे लूटा गया। इसके अलावा अन्य कई दुकानों में भी हिंसक भीड़ ने लूटपाट की। फिलहाल ईटानगर, नाहरलगुन व निर्जुली में स्थिति सामान्य है। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई है। इंटरनेट सेवा अभी भी बंद है। मुख्यमंत्री के आवास समेत सभी प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/तागू/अरविंद/वीरेन्द्र/बच्चन
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