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राष्ट्र निर्माण में डॉ आंबेडकर का बहु आयामी योगदान : राज्यपाल मौर्य

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 7:23PM
राष्ट्र निर्माण में डॉ आंबेडकर का बहु आयामी योगदान : राज्यपाल मौर्य
देहरादून , 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने रविवार को डॉ आंबेडकर को व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान बहु-आयामी हैं। उन्होंने कहा कि वे सबसे बढ़कर एक कर्मठ समाज-सुधारक के साथ-साथ महान संविधान के प्रमुख रचनाकार थे। डॉ आंबेडकर जयंती के अवसर पर रविवार को ऑयल अैण्ड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के ऑल इंडिया एससी-एसटी एम्पलाई एसोसिएशन द्वारा ओएनजीसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर विधिवत शुभारम्भ किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि डॉ आंबेडकर एक महान राजनीतिक नेता, इतिहासकार, कानूनविद, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, शिक्षक और क्रांतिकारी थे। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि दूरदर्शी बाबा साहब आंबेडकर ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, क्योंकि वे जानते थे की शिक्षा के बिना न तो दलितों को स्वतंत्रता मिलेगी और ना ही सामाजिक बुराईयों से मुक्ति। डॉक्टर आंबेडकर ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां आखिरी छोर पर खड़े पीड़ित, शोषित, वंचित, गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को सबके साथ बराबरी का हक और सम्मान मिले। वे शांति, अहिंसा और सौहार्द के साथ सभी मुद्दों का समाधान करने के हिमायती थे। बेबी रानी मौर्य ने कहा कि बाबा साहब ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों और समाज के पिछड़े वर्गों के लिए अतुलनीय संघर्ष किया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव को दूर करने और समानता के सिद्धांत को लागू करने के लिए भारतीय संविधान का मार्ग चुना। अनुसूचित जातियों और जन-जातियों के लोगों तक सरकारी और गैरसरकारी संगठनों द्वारा स्वास्थ्य, कानूनी सहायता, शिक्षा, कौशल जैसे क्षेत्रों में चलाए जा रहे जन-कल्याण के अभियानों और योजनाओं के बारे में समुचित प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब का मानना था कि आजादी का अर्थ सिर्फ अधिकार पाना भर नहीं है बल्कि आजादी को बनाये रखने के लिए अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी जरूरी है। आज एक लोकतंत्र और समतावादी समाज के रूप में हम जो भी हैं और जहां तक आगे बढ़े हैं, इस मुकाम तक पहुंचने में हमारे संविधान और उसके मुख्य निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की बहुत बड़ी भूमिका है। इस अवसर पर कार्यक्रम को विधायक गणेश जोशी, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ स्वराज विद्वान, ओनजीसी मानव संसाधन निदेशक अल्का मित्तल ने भी सम्बोधित किया। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/पवन
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