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विवेक प्राप्त करने का सरल उपाय है गायत्री साधनाः प्रणव पंड्या

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 4:21PM
विवेक प्राप्त करने का सरल उपाय है गायत्री साधनाः प्रणव पंड्या
हरिद्वार, 14 अप्रैल (हि.स.)। नवरात्र साधना के अंतिम दिन रविवार को शांतिकुंज व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में साधकों ने अपने-अपने अनुष्ठान की पूर्णाहुति की। महिला मण्डल की बहनों ने हवन के बाद कन्या भोज के साथ नवरात्र साधना का समापन किया। इस अवसर पर शांतिकुंज परिसर में बहनों ने 27 कुण्डीय तथा विवि परिसर में छात्रों ने नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न कराया। इसमें साधकों ने कई पारियों में हवन कर प्राप्त ऊर्जा को जनहित में लगाने का संकल्प लिया। पूर्व देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने साधकों की विशेष कक्षा में साधना के विविध पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सदबुद्धि प्रदात्री मां गायत्री की साधना से साधक में विवेक का जागरण होता है। विवेक मनुष्य को भ्रान्तियों से बचाता है और सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज लोगों को अच्छे विचारों की नितांत आवश्यकता है। जगह-जगह कन्या भ्रुण हत्या, अश्लीलता जैसे राक्षसी कृत्य करने वाले विकृत मानसिकता वाले लोगों के विचार को ठीक करना चाहिए। चित्त में सात्विकता का उदय करने के लिए देवी मां की स्तुति करना चाहिए। शांतिकुंज के मुख्य सत्संग हॉल में आयोजित साधकों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कार्यकर्ता केसरी कपिल ने साधना से प्राप्त ऊर्जा को समाज के हित में लगाने की अपील की। इस अवसर नवरात्र अनुष्ठान में आये साधकों ने गायत्री परिवार द्वारा संचालित हो रहे विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम को गति देने का संकल्प लिया। इस दौरान देश-विदेश से सैकड़ों नर-नारी उपस्थित रहे। व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र के नेतृत्व में श्रीरामनवमी के अवसर पर पुंसवन, नामकरण, मुण्डन, जनेऊ, गुरुदीक्षा आदि संस्कार सैकड़ों की संख्या में निःशुल्क सम्पन्न कराये गये। उप्र, उत्तराखण्ड आदि प्रांतों से आये 18 नवदंपतियों ने पवित्र अग्नि की साक्षी में एक दूसरे का हाथ थामकर वैवाहिक जीवन के सूत्र में बंधे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/अमर/पवन
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