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फायर सर्विस कर्मियों ने मनाया अग्निशमन सेवा दिवस

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 3:09PM
फायर सर्विस कर्मियों ने मनाया अग्निशमन सेवा दिवस
-फायर सर्विस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि देहरादून, 14 अप्रैल (हि.स.)। वर्ष 1944 में मुम्बई के बन्दरगाह पर खड़े इग्लैण्ड के फोर्ट स्ट्रिकेन जहाज में भीषण अग्नि दुर्घटना में 66 फायर सर्विस कर्मी शहीद हो गये थे। इन शहीद फायर सर्विस अधिकारियों व कर्मचारियों की याद में गांधी रोड स्थित मुख्य फायर स्टेशन पर रविवार को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया गया। एसएसपी निवेदिता कुकरेती कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके राणा व अन्य अधिकारियों ने शहीद अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर फायर स्टेशन में आधुनिक अग्निशमन एवं बचाव उपकरणों की प्रर्दशनी भी लगाई गई थी। अग्निशमन कर्मियों ने डेमो के माध्यम से भवन से घायल व्यक्ति को उतारने का प्रदर्शन किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके राणा ने बताया कि वर्ष 2018 में जनपद देहरादून के अन्तर्गत कुल 706 अग्नि दुर्घटनाओं में दो करोड़ 45 लाख 72 हजार 800 रुपये की क्षति हुई, जबकि फायर सर्विस यूनिटों के प्रयासों से 43 करोड़ 81 लाख 23 हजार 200 रुपये की सम्पत्ति को जलने से बचाया गया। इन अग्निकाण्डों पर एक जनहानि हुई थी, जबकि पांच लोगों को बचाया गया। अग्निकाण्डों में 121 पशुओं की जलने से मृत्यु हुई है। इसी प्रकार कुल 62 जीव रक्षा पुकारें प्राप्त हुई, इनमें 26 लोगों की मौत हुई है। फायर सर्विस यूनिटों के प्रयासों से 115 लोगों तथा 10 पशुओं को मृत्यु से बचाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके राणा ने बताया कि रविवार से अग्नि शमन सेवा सप्ताह के तहत संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जिले के फायर स्टेशनों पर अति आधुनिक एंव उच्च तकनीकी वाले संयन्त्र एंव उपकरणों को रखा गया है। इससे अग्निकाण्डों एवं अन्य प्रकार की आपदा के समय त्वरित बचाव कार्य करने की क्षमता में वृद्धि हुई है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि पिछले 19 सालों में उत्तराखण्ड अग्निशमन सेवा उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा बनकर नये आयाम लिख रही है। 22 फायर स्टेशनों से अपनी यात्रा को प्रारम्भ करने वाली इस सेवा इस सेवा में 33 फायर स्टेशन तीन यूनिट स्थापित हो चुकी हैं एवं 11 नई इकाई खोलने की तैयारी है। 970 अग्निशमन कर्मी रात-दिन राज्य की सम्पत्ति एवं जान-माल की रक्षा कर रहे हैं। जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर उत्तराखण्ड बनने के बाद तेजी से शहरीकरण भी हुआ है। इससे अग्निकाण्डों की संख्या में लगभग 600 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विगत वर्षों में एक्टिव फायर फाइटिंग के साथ-साथ पैसिव फायर फाइटिंग भी महत्वपूर्ण बन गई है। बचाव ही सर्वोत्तम सुरक्षा है। जन जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया है। विगत वर्ष केवल जनपद देहरादून में ही 66 से अधिक स्थानों पर अग्निशमन एवं आपात सेवा सम्बन्धी जागरूकता कार्यक्रम किये गये है। 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन एवं आपात सेवा अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान विशेष जागरूगता कार्यक्रम किये जायेंगे। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड अग्निशमन सेवा वर्ष 2018 वह दौर आया जब अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तराखण्ड को विश्व स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला। उत्तराखण्ड का नाम रोशन करते हुए अग्निशमन सेवा की टीम मुम्बई में आयोजित फायर काम्बेट 360 में 17 देशों के साथ प्रतिभाग किया। वर्ष 2018 में पांच फायरमैन उत्तराखण्ड पुलिस का हिस्सा बनकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर आये। कार्यक्रम के दौरान एसएसपी द्वारा वर्ष 2018-2019 के दौरान उत्कृष्ठ कार्य करने वाले फायर कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/अमर/पवन
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