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द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तुंगनाथ कपाट खुलने की तिथि तय

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 12:58PM
द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तुंगनाथ कपाट खुलने की तिथि तय
-तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 10 व केदार मद्महेश्वर के कपाट 21 मई जाएंगे खोले देहरादून, 14 अप्रैल (हि.स.)। बैसाखी पावन पर्व पर बारह ज्योतिर्लिगों में शामिल केदारनाथ धाम के बाद अब पंचकेदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खोलने की​ तिथियां रविवार को पंचांग गणना के साथ तय हो गईं। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 10 और केदार मद्महेश्वर के कपाट 21 मई खोले जाएंगे। आज पंचाग गणना अनुसार ब्राह्मण, पुजारी, वेदपाठी, मंदिर समिति एवं प्रशासन की मौजूदगी में पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर और मार्कंडेय मंदिर में द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि निश्चित हुई। द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 21 मई को सुबह 11 बजे और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 10 मई को दोपहर 12 बजे खुलेंगे। मद्महेश्वर भगवान ओंकारेश्वर मंदिर से बाहर 17 मई को आकर मंदिर सभामंडप में रहेंगे। जहां पर भगवान को ग्रामीणों द्वारा नए अनाज के पकवान का भोग लगाया जाएगा। इसे स्थानीय भाषा मे छाबड़ी पर्व कहा जाता है। मध्यमहेश्वर या मदमहेश्वर भारत के उत्तराखंड में गढ़वाल हिमालय के मानसोना गांव में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक हिन्दू मंदिर है। 3,497 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह पंच केदार तीर्थयात्रा सर्किट में आने वाला चौथा मंदिर है, जिसमें गढ़वाल क्षेत्र के पांच शिव मंदिर शामिल हैं।मदमहेश्वर के लिए कहा जाता है कि यहां शिवजी ने मधुचंद्ररात्रि मनायी थी। जो व्यक्ति इस क्षेत्र में पिंडदान करता है, वह पिता की सौ पीढ़ी पहले और सौ पीढ़ी बाद के तथा सौ पीढ़ी माता के तथा सौ पीढ़ी श्वसुर के वंशजों को तरा देता है। तुंगनाथ धाम की गिनती दुनिया के सबसे ऊंचे शिवालय में होती है। करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस शिवालय को विश्व का सबसे ऊंचा शिवालय माना जाता है। तकरीबन 1000 साल पुराना तुंगनाथ मंदिर केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर के बीचोबीच स्थित है। द्वापर युग में महाभारत के युद्ध के दौरान हुए विशाल नरसंहार के बाद भगवान शिव पांडवों से रुष्ट हो गए थे। तब भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कर उनकी उपासना की थी। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/रामानुज
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