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विवादों से चोली दामन का साथ रहा है पायलट बाबा का

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 13 2019 5:21PM
विवादों से चोली दामन का साथ रहा है पायलट बाबा का
-जमीन हड़पने, पत्रकारों से मारपीट और लाखों रुपये के हेरफेर का आरोप हरिद्वार, 13 अप्रैल (हि.स.)। विवादों में चल रहे पायलट बाबा का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। पायलट बाबा का हरिद्वार के साथ उत्तरकाशी से काफी पुराना नाता रहा है। पायलट बाबा का जगजीतपुर मार्ग पर आश्रम है। इसी के साथ गंगोत्री हाई-वे पर कुमाल्टी में आश्रम भी है। इसे लेकर ग्रामीणों ने बाबा पर उनके भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। इस दौरान पायलट बाबा के उत्तरकाशी आश्रम में पत्रकारों के साथ भी मारपीट हुई थी। इसे लेकर पत्रकारों ने पायलट बाबा के खिलाफ 89 दिन का धरना दिया था। इसके बाद प्रदेश में तत्कालीन खंडूरी सरकार ने पायलट बाबा के अतिक्रमण वाले हिस्से को तुड़वाया था वहीं, पायलट बाबा पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप भी लगते रहे हैं। पायलट बाबा ने वर्ष 2007 में उत्तरकाशी के सैंज कुमाल्टी में गंगोत्री हाई-वे के नजदीक अपना आलीशान आश्रम खड़ा किया था। इसमें स्थानीय लोगों को जाने की अनुमति नहीं थी। उस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाबा ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किया है। इस पर शासन-प्रशासन मौन रहा था लेकिन उसके बाद एक दिन जिले के स्थानीय पत्रकार लोगों की शिकायत पर पायलट बाबा के आश्रम में जानकारी जुटाने पहुंचे थे। यहां पर पायलट बाबा के आश्रम के प्रबंधक और सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की। इसके बाद पत्रकार जिला मुख्यालय में पायलट बाबा के खिलाफ और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। पत्रकारों का धरना 89 दिन चला था। इसे राजनीतिक समेत सामाजिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया था। पत्रकारों के धरने के आगे तत्कालीन खंडूरी सरकार को झुकना पड़ा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने पत्रकारों को आश्वासन दिया कि पायलट बाबा का अतिक्रमण तोड़ा जाएगा। इस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पायलट बाबा के आश्रम के अतिक्रमण को तोड़ा था। इसके साथ ही बाबा के हरिद्वार स्थित आश्रम में भी कई बार विवाद हो चुके हैं। करीब आठ वर्ष पूर्व आश्रम में गोलीबारी की घटना भी हुई थी। इसी के साथ विदेशी मुद्रा के फेर-बदल और उसकी एवज में कमीशन का वीडिया वायरल होने के बाद भी बाबा की फजीहत हुई थी, वहीं वर्ष 2007 के प्रयागराज कुंभ में शाही स्नान के बाद अखाड़े में 151 लाख रुपये जमा नहीं कराने पर भी अखाड़े ने बाबा की फजीहत की थी। वहीं अपनी कारगुजारियों के कारण बाबा को जूना अखाड़े द्वारा निष्कासित भी किया जा चुका है। अब बाबा धोखाधड़ी के मामले में जेल जाकर विवादों में बना हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/अमर/पवन
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