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देहरादून के चार सिद्ध पीठों में प्रमुख है लक्ष्मण सिद्ध मंदिर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 12 2019 2:50PM
देहरादून के चार सिद्ध पीठों में प्रमुख है लक्ष्मण सिद्ध मंदिर
देहरादून, 12 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड के चार धाम पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री शामिल है | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून भी चार सिद्ध पीठों से घिरी हुई है जो देहरादून के रक्षक के रूप में चारों दिशाओं में स्थापित हैं | पूरी देवभूमि देवमय है, जहां आकर लोगों के मन को शांति मिलती है, लेकिन यह चार सिद्ध पीठ अपनी विशेष महत्ता रखते हैं। इन सिद्ध पीठों में लक्ष्मण सिद्ध, कालू सिद्ध, मानक सिद्ध और मांडू सिद्ध मंदिर शामिल हैं। पूरे देश में 84 सिद्ध पीठों की मान्यता है | मां सती के गिरे अंगों के कारण सिद्ध पीठ बने हैं । इन सिद्ध पीठों और देहरादून के चार सिद्ध पीठों में प्रत्यक्ष रूप से कोई सामंजस्य नहीं है। इन सिद्ध पीठों में देहरादून से 12 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्मण सिद्ध मंदिर का अपना अलग ही इतिहास है। माना जाता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना से कामना पूरी होती है। देहरादून से हरिद्वार मार्ग पर 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोईवाला से पहले लक्ष्मण सिद्ध मंदिर हरे-भरे जंगलों के बीच बसा है। लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में आने के बाद आपको लगेगा कि आप वाकई किसी ऐसी जगह पहुंच गए हैं, जहां मानसिक शांति मिलती है। इसका कारण हरे-भरे जंगलों का होना है | यहाँ प्राण वायु की अधिकता तो है ही, नैसर्गिक वातावरण भी मन मोहने के लिए काफी है। लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में भेंट के रूप में गुड़, घी, दही और चना ही चढ़ाया जाता है। प्राचीनकाल में मिठाइयां कम होती थी, उनके स्थान पर गुड़ का ही प्रयोग किया जाता था। यहीं कारण है कि लक्ष्मण सिद्ध मंदिर ही नहीं चारों सिद्ध पीठों में गुड़ का ही प्रसाद चढ़ाया जाता है। लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पुजारी बाबा भारती का मानना है कि त्रेता युग में भगवान श्री राम और लक्ष्मण ने रावण का वध करने के बाद ब्रहमहत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए इसी स्थान पर तपस्या की थी। तब से इस स्थान को लक्ष्मण सिद्ध मंदिर का नाम दिया गया है। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर कामना प्रार्थना से जरूर पूरी होती है। उन्होंने बताया कि मनोकामना पूरी होने के बाद हर श्रद्धालु मंदिर में भंडारे का आयोजन करता है। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती/शंकर
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