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11 देशों की पैदल यात्रा कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके अवध बिहारी लाल

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 11 2019 12:26PM
11 देशों की पैदल यात्रा कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके अवध  बिहारी लाल
गोंडा 11 अप्रैल (हिं .सा.) बाढ़ की सैलाब में पूरा गांव में डूब जाने के बाद गांव में अकेले बचे अवध बिहारी लाल ने दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम चलाने का बीड़ा उठाया। और अपनी टीम के साथ अब तक तमाम दुश्वारियों को झेलते हुए अब तक दुनिया के 11 देशों को मिलाकर तीन लाख 86 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा अपनी टीम के साथ कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, यूपी इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। गोण्डा जिले में पहुंच यहाँ के सिचाई विभाग डाक बंगले में वह कुछ समय रुके व फिर यहीं से आगे अपनी यात्रा की ओर चल पड़े मूलतः लखीमपुर खीरी जनपद के धौराहरा तहसील के पुरवा गांव निवासी बिहारी लाल बताते हैं कि 2 जुलाई 1980 में घाघरा के बाढ़ की विभीषिका में तहसील के 20 गांव डूबने के कारण हजारों लोग असमय बाढ़ के चपेट में आ गए। बिहारी लाल का पूरा गांव डूब गया। गांव में अकेले बचे बिहारी लाल को अपने पूर्वजों के बात की याद आई उनके मुताबिक पूर्वज यह कहा करते थे कि जंगल समाप्त हो जाएगा उसी दिन बाद आसपास के सारे गांव को बाढ़ निगल जाएगी। इकलौते बचे बिहारी लाल ने पूर्वजों की बात से प्रेरणा लेकर दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने का मन में संकल्प लिया। महज 13 वर्ष की आयु में वह घर से निकल पड़े। कहा जाता है कि बड़े पैमाने पर जनहानि होने के कारण देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने धौराहरा तहसील का दौरा किया और गांव में अकेले बचे बिहारी लाल से उन्होंने मुलाकात की और इनकी बात को सुनकर आश्चर्य चकित रह गई और उन्होंने बिहारी लाल को पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव मदद देने का एलान कर दिया। 1990 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस टीम को इंडिया गेट से हरी झंडी देकर विदेश पैदल यात्रा के लिए रवाना किया था। टीम में प्रमुख रूप से अवध बिहारी लाल, महेंद्र प्रताप व जितेंद्र प्रताप शामिल रहे। धीरे-धीरे बिहारी लाल की टीम में लोग जुड़ते गए। इसकी सदस्यता सिर्फ वही लोग ले सकते हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन सिर्फ देश के लिए समर्पित कर दिया हो। संस्था में जुड़ने के बाद शादी ब्याह भी नहीं कर सकते। टीम के सदस्यों ने बताया कि वह अब तक बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, तिब्बत, नेपाल , वर्मा, चाइना , थाईलैंड अफगानिस्तान, सहित 11 देशों की यात्रा कर चुके हैं। पर्यावरण के साथ-साथ स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण जैसे तमाम जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को अपनी टीम के माध्यम से गांव गांव में कर कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उनकी कर्मठता , मेहनत और लगन को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी इन के कंधों पर सौंपी है। अब तक सूबे के 11 जनपदों में मतदाता जागरूकता का कार्यक्रम कर गोंडा जिले में भी कई जगहों पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम कर मतदाताओं को शत प्रतिशत वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गोण्डा से होते हुए यह आगे बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच में भी अपनी पैदल यात्रा से लोगों को जागरूक करेंगे।
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