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कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकता है गठबंधन

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 7 2019 4:17PM
कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकता है गठबंधन
देहरादून, 07 अप्रैल (हि.सं.)। सपा-बसपा गठबंधन पर भले ही न जीत सके पर कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ ही सकता है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए एकजुट हुए सपा-बसपा के नेता अन्य दलों से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सच है कि हरिद्वार और उधमसिंहनगर संसदीय सीट को छोड़ दिया जाए तो इन दोनों दलों का पहाड़ में कोई नाम लेवा नहीं है। हालांकि रविवार को पहली बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश में प्रचार किया। यूपी के सहारनपुर में उन्होंने पहली चुनावी सभा की है। हालांकि उत्तर प्रदेश में इन दोनों दलों का जनाधार है, लेकिन उत्तराखंड में इनका कोई प्रभाव नहीं है। इसके बावजूद उत्तराखंड की सीटों पर भी बहुजन समाज पार्टी के तल्ख तेवर दिखा रही है। उसे लग रहा है कि उसका यहां भी जनाधार है जो अर्द्धसत्य है। हरिद्वार और नैनीताल लोकसभा सीट पर बीएसपी पूरी तैयारियां कर रही है। बसपा की तैयारी कांग्रेस के लिए दिक्कतें पैदा कर सकती है। अब तक उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर अधिकांशतः कांग्रेस और भाजपा का ही राज रहा है। 2014 के लोकसभा चुनावों में हरिद्वार सीट से बसपा को एक लाख 20 हजार वोट और नैनीताल सीट से करीब 60 हजार वोट मिले थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की पत्नी रेनू रावत की हार का यह भी एक कारण था। हालांकि आज भी कमोबेश यही स्थिति है, लेकिन दोनों दलों को यह लग रहा है कि मिलकर लड़ने से उनका वोट बैंक बढ़ जाएगा। यही कारण है कि यह दोनों दल मिलकर राज्य की पांचों सीटों पर चुनावी अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी का मानना है कि गठबंधन का उत्तराखंड में कोई असर नहीं पड़ेगा, जो वोट उनके पास था, आज भी वह कांग्रेस के साथ है। मथुरा दत्त ने कहा कि बीएसपी और सपा को वोट देने वाले मतदाताओं ने तय किया है कि वे अपने वोट को बर्बाद नहीं होने देंगे। कांग्रेस प्रवक्ता मानते हैं कि यह मतदाता भाजपा को हराने वाली कांग्रेस के पक्ष में ही अपना मतदान करेंगे। चुनाव में एक-एक वोट महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ दिन पहले यूपी में कांग्रेस और बसपा मुखिया में छिड़ी बयानबाजी की जंग उत्तराखंड में भी देखने को मिल सकती है। यदि बसपा एक बार फिर अपने वोटरों को लुभाने में कामयाब हुई तो कांग्रेस के समीकरण और बिगड़ ही सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती/अमर/रामानुज
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