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भाजपा के कार्य ही सेना में शामिल करने के कारक बनेः सरथ चंद्र

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 7 2019 2:16PM
भाजपा के कार्य ही सेना में शामिल करने के कारक बनेः सरथ चंद्र
देहरादून, 05 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व उप सेना अध्यक्ष सरथ चंद्र ने भाजपा का दामन थामने के बाद यहां कहा कि केवल भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो सैन्य अधिकारियों, सुरक्षा बलों और सुरक्षा से जुडे़ जवानों के लिए काम करती है। शेष दल केवल बातें करते हैं, काम कुछ नहीं करते। उन्होंने रविवार को देहरादून भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। केरल के निवासी ले.जनरल सरथ चंद्र ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भाजपा का सेना के प्रति कार्य और गढ.वाल के लोगों का स्नेह उन्हें भाजपा में खींच ले आया। इसको देखते हुए उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। लगभग 21 वर्ष की उम्र में गढ़वाल राइफल से जुड़े सरथ चंद्र ने कमाडेंट गढ़वाल राइफल के साथ-साथ कर्नल आफ गढ़वाल राइफल का दायित्व भी निभाया। उन्होंने अपने सेना जीवन के 39 वर्ष गढ़वाल को दिये हैं। उन्होंने उत्तराखंड में अधिक कार्य किया है। इसलिए वह उत्तराखंड के जवानों के लिए महत्वपूर्ण कार्य करना चाहते हैं। ले.जनरल सरथ चंद्र ने कहा कि कहा कि 6-7 साल गढ़वाल में रहकर उन्होंने दोनों सरकारों के कार्य देखें हैं। फौजियों के लिए अगर किसी पार्टी ने काम किया है तो वह भाजपा ही है। उन्होंने कहा कि वार मेमोरियल डांडा लखौंड में बन रहा है। इसके लिए जमीन देने के साथ-साथ व्यवस्था का कार्य भी भाजपा ने किया है। त्रिवेंद्र सरकार ने जमीन देने के साथ-साथ दो करोड़ का कारपस फंड भी दिया, जिसका लाभ सेना से जुड़े जवानों तथा कर्मचारियों को होगा। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट सतत मिलाप एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हम सेना से जुड़े लोगों को गढ़वाल दर्शन कराते हैं। इसके लिए गढ़वाल को 25 भागों में बांटा गया है। यहां के जवानों, अर्द्ध सैनिक बलों, सुरक्षा बलों की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रोजेक्ट सतत मिलाप निरंतर कार्य करता रहता है। इस कार्यक्रम में हमारे सेवामुक्त जवानों तथा अधिकारियों को काफी लाभ हो रहा है। इन परिवारों के सेवा के माध्यम से करोड़ों रुपये बचाये गये हैं। इस आयोजन के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ है। ले.जनरल सरथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के चार धामों के अलावा यहां सैन्य धाम के रूप में पांचवां धाम बना दिया है जो सेनाओं को सम्मान देने जैसा ही है। उन्होंने कहा कि तीन साल में गढ़वाल राइफल की तीन पलटनें बनीं। इनके निर्माण में तमाम समस्याएं भी आईं, लेकिन सतत मिलाप की टीम के माध्यम से जहां समस्याओं का समाधान हुआ, वहीं विरोधों का भी शमन किया गया जो अपने आप में उपलब्धि है। हम सबके प्रयासों से गढ़वाल के सैनिकों की 162 सेंटीमीटर लंबाई जो बढ़ा दी गई थी, उसे पुनः पहले जैसा किया गया। इसका लाभ हमारे जवानों को मिलेगा। राजनीति में आने के कारणों पर चर्चा करते हुए ले.जनरल सरथ ने कहा कि यह क्षेत्र सीमांत क्षेत्र है जो चुनौतियों से जूझ रहा है। इन चुनौतियों से जूझने के लिए सामर्थ्यवान नेतृत्व होना चाहिए। ऐसा नेतृत्व सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास है। इसलिए हम उनके हौसले को और मजबूत करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री के अलावा ऐसा कार्य कोई दूसरा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सेना से पार्टी में लाने का श्रेय विधायक गणेश जोशी तथा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का है जो सेना के लिए काफी कुछ कार्य कर रहे हैं। पत्रकार वार्ता से पहले प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश बंसल, उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला, डाॅ. देवेंद्र भसीन समेत सभी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती/अमर/रामानुज
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