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टिकट के संशय से राजनेताओं की मायूस दीवाली, जनाधार की जुगत में जुटे

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 8 2018 6:58PM
टिकट के संशय से राजनेताओं की मायूस दीवाली, जनाधार की जुगत में जुटे
सीकर, 08 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा 2018 के नामांकन पत्र भरने के चार दिन शेष रहते टिकट वितरण नहीं होने का असर दीपोत्सव पर दिखाई दिया। कांग्रेस व भाजपा के टिकट के लिए कतारबद्ध राजनेताओं में किसी के मायूसी रही तो किसी ने जनसम्पर्क व स्वागत कार्यक्रम कर अपनी ताकत का अहसास कराया। जिले के चार विधानसभा क्षेत्र सीकर, खण्डेला, फतेहपुर व नीमकाथाना में जहां कांग्रेस के नेता मायूस दिखाई दिए वहीं दांतारामगढ, लक्ष्मणगढ में भाजापाईयों के चेहरे उदास रहे। राजस्थान में कांग्रेस के टिकट बिकने की हुई राज्यस्तरीय चर्चा का भी आमजन में असर रहा। सीकर विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व काबीना मंत्री राजेन्द्र पारीक दिल्ली टिकट के लिए सभी प्रयास कर दीपावली के एक दिन पूर्व देर रात सीकर आए। टिकट की आशंकाओं के बीच पूरे दिन पारिक ने अपने घर पर पार्षदों व सरपंचों के साथ अपने मजबूत जनाधार का संकेत दिया। दूसरी ओर राजस्थान में कांग्रेस के राकपा के साथ गठबंधन में सीकर राकपा के पक्ष में जाने की सूचना के साथ गत चुनावों में तीसरे स्थान पर रहे प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता वाहिद चौहान ने तहसील के पास अपना जोरदार स्वागत कार्यक्रम रखा। फतेहपुर विधानसभा के लिए कांग्रेस के समर्थन में आए निर्दलीय विधायक नन्दकिशोर महरिया व क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक रहे दिवंगत भंवरू खां के निकट रिश्तेदारों के बीच टिकट की दावेदारी उलझी हुई है। फतेहपुर के राजनीतिक पर्यवेक्षकों का राकपा से कांग्रेस के समझौते पर बल देकर पुलिस अधिकारी रहे मुमताज खां के टिकट की दावेदारी ने टिकट का मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। नीमकाथान विधानसभा से पूर्व विधायक रमेश खण्डेलवाल के शराब माफिया से सांठ गांठ की शिकायतों के साथ आजादी के बाद से ही कांग्रेस के प्रभावी मोदी परिवार की दावेदारी ने मुकाबला कड़ा कर दिया है। खण्डेला विधानसभा से केन्द्रीय मंत्री पद से हटने के बाद सीकर के पूर्व सांसद महादेव सिंह खण्डेला के पुत्र के भी विधानसभा चुनाव हारने के बाद क्षेत्र में उनके प्रभाव में कमी आई है। इसी गणित के कारण क्षेत्र के आईपीएस रहे रामदेव सिंह ने टिकट की मजबूत दावेदारी पेश की है। भारतीय जनता पार्टी में दांतारामगढ विधानसभा से काफी कम अंतर से हारे हरीश कुमावत के साथ टिकट की दावेदारी में राजपूत समाज के लोग सामने आए है। क्षेत्र में राजपूत समाज की निर्णायक भूमिका होने का दावा पेश किया जा रहा है। लक्ष्मणगढ विधानसभा में भाजपा की टिकट के दावेदारों में कड़ा संधर्ष बताया जा रहा है। नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष हरिराम रणवां तथा गत दो चुनावों में अच्छे मतो से संधर्षरत रहे हाल ही में भाजपा में शामिल हुए नगर पालिका लक्ष्मणगढ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश जोशी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। दीपावली स्नेह मिलन के साथ ही अपनी ग्राउण्ड रिपोर्ट रिपोर्ट की मजबूती के लिए कांग्रेस व भाजपा के टिकट के दावेदार अपने जनाधार की जुगत बिठाने में जुटे है। हिन्दुस्थान समाचार / पवन/ ईश्वर
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