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पालना नहीं करने पर छह माह की सजा व दो हजार रुपये का दण्ड

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 9:00PM
पालना नहीं करने पर छह माह की सजा व दो हजार रुपये का दण्ड
श्रीगंगानगर, 05 नवम्बर (हि.स.)। अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नख्तदान बारहठ ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2018 में राजनीतिक पार्टियों, प्रत्याशियों या उनके समर्थकों द्वारा प्रकाशित करवाए जाने वाले पेंफलेट्स पर्चें, पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैंडबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के विभिन्न प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करनी होगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में प्रिटिंग प्रेस, होर्डिंग्स निर्माता, संचालकों की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पेंफलेट्स, पर्चे और पोस्टर के मुख्यपृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पेंफलेट्स, पर्चे अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक न कर सकेगा न ही करवा सकेगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न करवाया जाये। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी 2 प्रतिलिपि देनी होगी। दस्तावेज के प्रकाशन के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। इसके लिये सूचना जनसंपर्क कार्यालय में मीडिया प्रकोष्ठ गठित किया गया है, जहां घोषणा पत्र व छपी सामग्री की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 का उल्लंघन करता है तो वह 6 महीने का कारावास अथवा 2 हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों से दंडित होगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री प्रकाशित करवाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी, साथ ही यह राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थकों द्वारा निर्वाचन पेंफलेट्स, पर्चे, पोस्टरों आदि के मुद्रण और प्रकाशन पर हुए अनाधिकृत व्यय पर रोक लगाने में सहायक होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/संदीप
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