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राजपूत समाज के बाद जाट समाज ने भी की भाजपा से बगावत

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 8:39PM
राजपूत समाज के बाद जाट समाज ने भी की भाजपा से बगावत
राजस्थान जाट महासभा ने तोड़ा भाजपा से नाता, अन्य पार्टी को दिया जाएगा मत व समर्थन जोधपुर, 05 नवम्ब‍र (हि.स.)। प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी भाजपा की मुश्किलें कम होने के बजाय दिनों दिन बढ़ती जा रही है। भाजपा के परम्परागत मतदाता रहा राजपूत समाज पहले से नाराज चल रहा है। सोमवार को जाट समाज ने भी भाजपा से बगावत कर दी। प्रदेश के सबसे बड़े जातीय समूह और जाटों की सबसे बड़ी संस्था राजस्थान जाट महासभा ने सोमवार को भाजपा से नाता तोडऩे की घोषणा की। जाट महासभा का एलान भाजपा के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। महासभा के जिलाध्यक्ष जीआर पूनिया ने अन्य पदाधिकारियों के साथ सोमवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जाटों के साथ ठगी की है। समाज के लोगों की हमेशा उपेक्षा की गई। उन्हें कभी उचित प्रतिनिधित्व तक प्रदान नहीं किया गया। भाजपा के शासन में किसानों के साथ सबसे अधिक अन्याय हुआ। समाज की तरफ से सरकार के समक्ष कई बार किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण गत चुनाव में खुलकर भाजपा का साथ देने वाली महासभा ने सर्वसम्मति से भाजपा का साथ छोड़ने का निर्णय किया। प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय हो चुका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल महासभा ने यह तय नहीं किया है कि विधानसभा चुनाव में किसे समर्थन देंगे। दीपावली के बाद वृहद स्तर पर बैठक आयोजित कर निर्णय किया जाएगा। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि भाजपा पर दबाव बनाने के लिए यह निर्णय किया गया। महासभा का यह निर्णय काफी सोच-विचार करने के बाद लिया गया। एेसे में इस निर्णय को बदला नहीं जाएगा। हालांकि एेसा माना जा रहा है कि प्रदेश के जाट एक बार फिर कांग्रेस के साथ खड़े हो रहे है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जाट मतदाताओं की संख्या करीब चौदह फीसदी है। जाट समाज खुलकर एकतरफा मतदान करता आया है। जाट समाज का समर्थन जिस पार्टी की तरफ होता है प्रदेश में उसी की सरकार बनती आई है। हिन्दुस्थान समाचार/ सतीश/संदीप
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