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महिलाओं की चुनाव में सहभागिता कम

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 7:05PM
महिलाओं की चुनाव में सहभागिता कम
जयपुर, 04 नवम्बर (हि.स.)। आज के समय में विश्व के अधिकतर देशों में लोकतांत्रिक प्रणाली मौजूद है। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में हर वर्ग की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है। इसमें महिलाओं और पुरुषों दोनों को समान रूप से भागीदार बनने का मौका मिल रहा है। इन दिनों विकसित और विकासशील देशों में महिलाओं की राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास हर स्तर पर किया जा रहा है। हालांकि राजस्थान के परिपेक्ष्य में यह सच साबित नहीं हो रहा। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में राज्य में महिलाओं की हिस्सेदारी बेहद कम है। बीते चुनावों के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 10 गुणा अधिक पुरुष उम्मीदवारों ने चुनाव लड़े। 2013 में आयोजित चुनावों के दौरान जहां 1930 पुरुष उम्मीदवार थे। वहीं महिला उम्मीदवारों की संख्या महज 166 पर ही सिमट कर रह गई थी। हालांकि वोट डालने के प्रतिशत में महिलाओं ने तेजी दिखाई थी। 75.57 फीसदी महिलाओं ने चुनावों के दौरान मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि ऐसे पुरुषों का प्रतिशत 74.92 रहा। हालांकि संख्या की दृष्टि से पुरुषों ने ही बाजी मारी। बीते चुनावों में 166 में से 108 महिला उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई और 32 बमुश्किल से अपनी जमानत बचा पाई थीं। महिलाओं की यह स्थिति भी तब है जब राज्य में दो बार एक महिला मुख्यमंत्री का पद संभाल चुकी है। राजस्थान में चुनावों की शुरुआत के समय यानि वर्ष 1952 से ही महिलाओं ने राजनीति में रुचि दिखाई है। यह रुचि चुनाव दर चुनाव बढ़ी भी है। पहले चुनावों में चार महिला उम्मीदवार मैदान में थीं, मगर जीत किसी को हासिल नहीं हुई। अगले चुनाव 1957 में 21 में से नौ उम्मीदवारों ने जीत का स्वाद चखा। वहीं 2013 में 166 महिला उम्मीदवारों में से 28 महिला प्रत्याशियों को ही विधानसभा में पहुंचने का मौका मिला था। इतने सालों में महिलाओं के चुनाव लडऩे का प्रतिशत जिस स्तर पर बढ़ा है, उसके मुकाबले चुनाव में विजय पाने का स्तर धीमा ही रहा। चुनावों के दौरान हर एक मतदाता अपने स्तर पर महत्वपूर्ण होता है। हर पार्टी के लिए एक-एक मत की कीमत होती है क्योंकि एक मत कम होने से उम्मीदवार और कुर्सी के बीच का फासला पांच वर्षों के लिए बढ़ सकता है। वर्ष 1972 में प्रत्येक 1000 पुरुषों मतदाताओं पर 723 महिला मतदाता थी। जबकि वर्ष 2013 में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 899 महिलाओं ने वोट डाले। हिन्दुस्थान समाचार/रितिका/संदीप
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