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गुलाबी सर्दी में चुनावी गर्मी का असर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 3:18PM
गुलाबी सर्दी में चुनावी गर्मी का असर
जैसलमेर व पोकरण सीट के लिए दोनों ही दल तलाश रहे जिताऊ उम्मीदवार जोधपुर, 05 नवम्बर (हि.स.)। विधान सभा चुनाव में अब एक महिना बाकी रह गया है। दोनों ही प्रमुख दल अपने अपने प्रत्याशियों की सूची अब तक जारी नहीं कर पाए है। इधर संभाग में गुलाबी सर्दी ने दस्तक दे दी है तो दूसरी तरफ चुनावी गर्मी सिर चढ़ कर बोलने लगी है। जोधपुर संभाग के जैसलमेर व पोकरण सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। दोनों ही दल अपने अपने पत्ते खोलने में जिताऊ उम्मीदवार ढूंढ रहे है। संभवत: दीपावली के बाद इस पर फैसला आ जाएगा। ऐसा राजनीतिक सूत्रों का मानना है। जैसलमेर जिले की दो विधानसभा सीटों जैसलमेर व पोकरण में अभी कांग्रेस व भाजपा ने अपने पत्ते खोले नहीं है। कांग्रेस की तरफ से दोनों स्थान पर प्रत्याशी करीब-करीब तय माने जा रहे है वहीं भाजपा अभी तक जिताऊ प्रत्याशी की तलाश में मंथन करने में जुटी है। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा की तरफ से इस बार दोनों सीटों पर चौंकाने वाले प्रत्याशी सामने आ सकते है। भाटी दो बार जीते चुनाव: जैसलमेर विधानसभा सीट पर वर्तमान में भाजपा के छोटूसिंह भाटी विधायक है। वे लगातार दो बार यहां से चुनाव जीत चुके है। पार्टी इस बार यहां से किसी नए चेहरे की तलाश में है। नए चेहरों में जैसलमेर राजघराने की पूर्व महारानी रासेश्वरी देवी का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि उन्होंने अभी तक अपने पत्ते खोले नहीं है कि वे कौनसे दल से चुनाव लड़ेगी, लेकिन उन्होंने जोर शोर से अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि राजपूत समाज की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा यहां से प्रभावशाली राजघराने के किसी सदस्य को मैदान में उतार सकती है। वहीं कांग्रेस एक बार फिर जिले में दलित-मुस्लिम कार्ड खेलती नजर आ रही है। कांग्रेस ने जैसलमेर की सामान्य सीट पर गत चुनाव में दलित समाज के रूपाराम धनदे को अपना प्रत्याशी बनाया था। । रूपाराम फिर दौड़ में शामिल: पांच साल से क्षेत्र में सक्रिय रूपाराम एक बार फिर प्रत्याशी बनने की होड़ में सबसे आगे है। रूपाराम के अलावा सुनीता भाटी भी रेस में बनी हुई है। रासेश्वरी देवी जैसलमेर राजपरिवार से सियासत में प्रवेश करने वाली वह पहली सदस्य नहीं है पूर्व महाराजा रघुनाथ सिंह सांसद बने थे, वहीं राजघराने के ही हुकुम सिंह लगातार दो कार्यकाल के लिए विधायक रहे। इसके बाद वर्तमान वंशज बृजराज सिंह के चाचा चंद्रवीर सिंह विधायक निर्वाचित हुए। उनके बाद डॉ. जितेंद्र सिंह का बतौर विधायक तीन साल का छोटा कार्यकाल रहा. इसके बाद से जैसलमेर की पूर्व रॉयल फैमिली का कोई सदस्य चुनाव नहीं जीत सका। शेखावत भी चौंका सकते है: पोकरण में भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक शैतानसिंह का नाम तय माना जा रहा है। यहां से पार्टी जोधपुर के सांसद और केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को अपना प्रत्याशी बना सभी को चौंका भी सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/ सतीश/संदीप
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