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सरदारपुरा में हर बार उतारा नया चेहरा, फिर भी हारी भाजपा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 4 2018 6:16PM
सरदारपुरा में हर बार उतारा नया चेहरा, फिर भी हारी भाजपा
जोधपुर, 04 नवम्‍बर (हि.स.)। संभाग की अहम और चर्चित सीटों औऱ नेताओं की बात करें तो उनमें सरदारपुरा से अशोक गहलोत,शिव से मानवेन्द्र सिंह,ओसियां से लीला मदेरणा,लोहावट से गजेंद्र सिंह खींवसर,शेरगढ़ से बाबूसिंह राठौड़ व भोपालगढ से कमसा मेघवाल जैसी सीटों पर नजर रहेगी।अशोक गहलोत की बात करे तो जोधपुर की सरदारपुरा सीट पर पिछले पांच चुनाव से कांग्रेस का कब्जा है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत को हराने के लिए भाजपा ने हर बार नया चेहरा मैदान में उतारा, सफल नहीं हो पाई। इस बार गहलोत चुनाव नहीं लड़ते हैं तो कांग्रेस की इस परंपरागत सीट को खतरा हो सकता है। गहलोत के चुनाव नहीं लडऩे की स्थिति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवंगत मानसिंह देवड़ा की पुत्री कुंती देवड़ा को मैदान में उतारा जा सकता है। 1998 में गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मानसिंह ने यह सीट उनके लिए छोड़ी थी। कुंती के अलावा भी एक-दो चेहरे हैं, लेकिन सबसे बड़ा चेहरा तो गहलोत को ही माना जा रहा है। यहां से सुनील परिहार व हनुमान सिंह खांगटा का नाम भी चर्चाओं में है।लोहावट, जैतारण, बाली, सिरोही और जैसलमेर सीटे खासी चर्चाओं में है।लोहावट से गजेंद्र सिंह खींवसर मंत्री हैं। कांग्रेस यहां मजबूत चेहरे की तलाश में है। जैतारण से सरकार में मंत्री सुरेंद्र गोयल विधायक हैं। अंदरूनी तौर पर गोयल का यह विरोध चल रहा है,यहां कांग्रेस में दावेदारों की संख्या ज्यादा होना गोयल के पक्ष में है। बाली से मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत विधायक हैं। सीट पर सत्ता के विरोध का नुकसान हो सकता है। सिरोही से मंत्री ओटाराम देवासी विधायक हैं। यहां कांग्रेस में धड़ेबाजी है। जैसलमेर से मौजूदा विधायक छोटू सिंह हैं। यहीं पूर्व राजघराने की रासेश्वरी राजलक्ष्मी ने चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। यंहा भाजपा हो या फिर कांग्रेस दोनों में गुटबाजी चरम पर है। कांग्रेस में अभी रूपाराम धनदे और सुनिता भाटी दोनों बड़े दावेदार हैं। सामने मौजूदा विधायक छोटूसिंह और सांगसिंह दावेदार है। टिकट मिलने के बाद दोनों ओर भीतरघात और बगावत का खतरा है। बाड़मेर जिले की सबसे चर्चित सीट शिव है। यहां से भाजपा के विधायक मानवेंद्रसिंह ने चुनाव से पहले ही पार्टी छोड़ दी है। भाजपा अब यहां से किसको टिकट देगी, यह सबसे बड़ा प्रश्न है। कांग्रेस में कद्दावर नेता अमीनखां है जो एक बार जीत और एक बार हार का स्वाद चखते रहे हैं। पचपदरा भाजपा मौजूदा विधायक अमराराम चौधरी पर ही दावं खेल सकती है, उनके सामने मदन प्रजापत कांग्रेस के सशक्त दावेदार है मानवेंद्र की पत्नी चित्रासिंह को कहीं से मैदान में उतारा जाता है तो शिव के अलावा दूसरा विकल्प पचपदरा भी है। हिन्दुस्थान समाचार/ सतीश/ ईश्वर
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