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सियासी सफलता के लिए भविष्य जानने के साथ होता है बगुलामुखी देवी का अनुष्ठान, वांछा कल्पलता का प्रयोग

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 4 2018 5:57PM
सियासी सफलता के लिए भविष्य जानने के साथ होता है बगुलामुखी देवी का अनुष्ठान, वांछा कल्पलता का प्रयोग
भीलवाड़ा, 04 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान सहित पांच राज्यों के होने वाले विधानसभा चुनाव में यों तो राजनीतिक दलों के मुख्यालयों पर टिकट मांगने वालों तथा चुनावी रणनीति तैयार करने वालों का मजमा लगता है परंतु भीलवाड़ा जिले का कारोई गांव भी ऐसा स्थान है जहां इसी प्रकार के राजनेताओं का जमावड़ा लगता है। यों तो यहां प्रतिदिन ही ऐसा होता है पर चुनाव की आहट होते ही पहले टिकट लेने वालों की, बाद में टिकट मिल जावें तो जीत हासिंल करने व जीत जाए तो मंत्रीमंडल में स्थान प्राप्त करने की इच्छा मन में रखने वालों का कारोई गांव में तांता लगा रहा है। इस गांव में ज्योतिष के तहत अपना भविष्य संवारने के लिए राजनेता धार्मिक अनुष्ठान तक कराते है। कारोई के ज्योतिषियों ने गत चुनाव में नरेंद्र मोदी के पूर्ण बहुमत प्राप्त कर प्रधानमंत्री बनने व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बहुमत प्राप्त कर मुख्यमंत्री बनने की भी घोषणा की थी। भीलवाड़ा जिले का कारोई गांव कोई राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बिंदू नहीं है। यहां भृगु संहिता के आधार पर ज्योतिष के बारे में जानकारी मिलती है। उपतहसील मुख्यालय वाला भीलवाड़ा जिले का कारोई कस्बा इन दिनों ऐसे ही राजनेताओं के आने के कारण एक बार फिर सुर्खियों में है। भीलवाड़ा जिले के इस छोटे से कस्बे में अपने भविष्य को जानने वालों की इतनी भीड़ जुटती है कि कारोई की पहचान ही अब ज्योतिष के नगरी में बन गई है। ज्योतिष नगरी कारोई के एक नहीं अनेक घरों में भृगुसंहिता के जरिये लोगों का भविष्य बांचने की प्रक्रिया चल रही है। एक ही परिवार से निकले ज्योतिषियों के यहां हर सप्ताह कम से कम दस हजार लोग अपने भविष्य का हाल जानने आते हैं। इन भविष्य चिंतकों में बड़े नेताओं से लेकर हर स्तर के नेता, अभिनेता, अफसर और कार्यकर्ता शामिल हैं। भृगु संहिता के जानकर वयावेृद्व ज्योतिषी पंडित नाथूलाल व्यास का भविष्यवाणी करने के लिए प्रसिद्ध हैं। यह सही भी है कि सभी लोग जानना चाहते हैं कि हमारा अच्छा समय कब आएगा? कब हमारे पास बहुत सारा पैसा होगा? कब हमारी राजनीति पहुंच बनेगी। इन प्रश्नों के उत्तर भृगु संहिता में बताए गए हैं। यह एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें ज्योतिष संबंधी समस्त जानकारियां दी गई हैं। इस संहिता में कुंडली के लग्न के आधार पर भी बताया गया है कि व्यक्ति का भाग्योदय कब हो सकता है। ऋषि भृगु की ख्याति एक ऐसे कालातीत भविष्यवक्ता के रूप में है जो भूत, भविष्य और वर्तमान पर समान दृष्टि रखते थे। वह समय की मोटी दीवार के आर-पार ऐसे देख सकते थे जैसे किसी पारदर्शी कांच में से देख रहे हों। उन्होंने प्रमाणित किया है कि कुंडली के लग्न को देखकर मालूम किया जा सकता है कि किस संभावित उम्र में व्यक्ति को भाग्य का साथ और धन का सुख मिल सकता है। इस शास्त्र से प्रत्येक व्यक्ति की तीन जन्मों की जन्मपत्री बनाई जा सकती है। प्रत्येक जन्म का विवरण इस ग्रंथ में दिया गया है। यहां तक कि अजन्मे शिशु का भविष्य बताने में भी यह ग्रंथ समर्थ है। भृगु संहिता ज्योतिष का एक विशाल ग्रंथ है। इस संवाददाता ने स्वयं कारोई पहुंच कर वहां इसकी सच्चाई के बारे में पड़ताल की तो वास्तव में ऐसा होना वहां पाया गया। आज वहां पर राजस्थान के कुछ नेताओं के अलावा हरियाणा से नेता पहुंचे थे जो लोकसभा चुनाव के बारे में अपना भविष्य जानने आये थे। ऐसा होने के कारण अतीत का छोटा से कारोई गांव आजकल भौतिक संसाधनों से युक्त हो चुका है। यहां तमाम प्रकार की सुख सुविधाएं भी उपलब्ध हुई है। देश का शायद ही कोइ कोना हो जहां से ज्योतिष विद्या को हासिल करने के लिए कारोई नहीं आते हों। आम आदमी अपने आज और कल की अनिश्चितताओं से डरकर यहां आता है। वहीं सुख सम्पदा का भरपूर उपयोग करने वाले अपने पद, प्रतिष्ठा के भविष्य की आशंकाओं से बचने के लिए आते हैं। यहां आने वालों में देश की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रिय मंत्री मनसुख मंडाविया, मुख्यमंत्री वसुंधराजे, पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई सोमा भाई मोदी, सांसद अमर सिंह, फिज्म अभिनेत्री जयप्रदा, कथावाचक मोरारी बापू, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास त्यागी सहित उद्योगपति धीरूभाई अंबानी, मध्यप्रदेश के कई विधायक सहित देश के नामचीन आदमी यहां कोई भविष्य जानने कोई धर्म के बारे में चर्चा करने इन्हीं ज्योतिष के पास आ चुके है। मौजूदा समय में विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट के दावेदार केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के पुत्र, राजस्थान के मुख्य सचेतक कालू लाल गुर्जर, श्याम लाल पुरोहित, दोसा के विधायक शंकर लाल शर्मा सहित काफी संख्या में राजनेता अपना टिकट को लेकर भविष्य जानने यहां पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहां के ज्योतिषियों को जयपुर बुला कर अपना भविष्य जान चुके है। कारोई वैसे तो भीलवाड़ा से महज 20 किलोमीटर दूर है, लेकिन यहां भविष्य की जानकारी देने वाले कई ज्योतिष के संस्थान है। सर्वाधिक ज्योतिष कार्यालय होने के कारण इस गांव का नाम ज्योतिष नगरी के नाम से भी जाना जाता है। कारोई में सबसे पुराने ज्योतिषी पंडित नाथूलाल व्यास हैं, जिन्होंने अपनी 20 साल की उम्र में ही ज्योतिष का अध्ययन कर लिया था। उन्होंने कम समय में ही अपने गुरु जी से शिक्षा लेने के बाद भृगु संहिता से लोगों का भविष्य बताना शुरू कर दिया था। आज उनकी उम्र करीब 90 वर्ष है। उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचने का बावजूद वे नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं. व्यास प्रतिदिन 5 घंटा पूजा करते हैं। जिसके बाद वे आने वाले लोगों का भविष्य भृगु संहिता से भविष्य देखते हैं। अपना भविष्य जानने के लिए उनके पास देश ही नहीं अपितु विदेश से भी काफी संख्या में लोग आते हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के लिए भी पंडित नाथूलाल ने भविष्यवाणी की थी। जब प्रतिभा पाटिल अपने पति देवीसिंह पाटिल के साथ ज्योतिष नगरी पहुंचे तो पंडित नाथूलाल व्यास ने कहा था कि आप देश के सर्वोच्च पद पर जाएंगे। जिसके बाद पाटिल ने राष्ट्रपति बनने के बाद पदभार ग्रहण समारोह में पंडित नाथूलाल व्यास को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। मध्यप्रदेश की सरकार में मंत्री और राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहिन यशोधरा राजे सिंधिया भी पंडित गोपाल दाधीच के दफ्तर में आकर करीब तीन घंटे तक पूजा अर्चना करवा चुकी है। हालाकि यशोधरा राजे पूर्व में भी कारोईं में आ चुकी है। पंडित गोपाल दाधीच बताते है कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें दिल्ली बुलाकर पूजा अर्चना करवाई थी और राजनीतिक हालात के बारे में ज्योतिषी आधार पर जानकारी हासिल की थी। तब उन्हें पंडित गोपाल दाधीच ने केंद्र में भाजपा की सरकार बनने की और राजनाथ सिंह को बड़ा पद मिलने की भविष्यवाणी की थी। ज्योतिषी पंडित नाथूलाल व्यास बताते है कि मुझे ज्योतिष का काम करते हुए 70 साल हो चुके हैं। राजनेता से लेकर आम आदमी तक अपना भविष्य जानने के लिए मेरे पास आते हैं। जो भी मेरे पास आता है उसका भविष्य हम सार्वजनिक नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भृगु संहिता में दुनिया के हर व्यक्ति का भाग्य अकिंत है। यह केवल वैदिक गणित से सही गणना होने पर सटीक बैठता है। आने वाले जातक के जन्मदिनांक, जन्म व लग्न कुंडली के आधार पर भृगु संहिता के शुभांक से उसका फलादेश निकाला जाता है। किसी भी व्यक्ति के संपूर्ण जीवन का फलादेश एक बार में सुनाने के बजाय 11 खंडों में होने के कारण उसे पांच बार आना होता है। कस्बे के अन्य ज्योतिष गोपाल दाधीच, गोपाल व्यास, ओम प्रकाश व्यास ने कहा है कि राजनेता अधिकतर चुनाव के समय ही यहां आते हैं। चुनाव के दौरान इनका मजमा लगा रहता है। उनकी प्रश्न कुंडली और भृगु संहिता के आधार पर उनका भविष्य बताया जाता है। यहां उनके पास आने के अलाव सम्मान से नेता अपने यहां भी उनको बुलावा भेजते है तो वो वहां भी पहुंच कर उनका भविष्य बताते है तथा जरूरत पड़ने पर वहां अनुष्ठान भी करते है। चुनाव आते ही जिस तरह देश की राजनीतिक पार्टियों के कार्यालयों पर टिकट की दावेदारी को लेकर भीड़ रहती है ठीक वैसी ही स्थिति ज्योतिष नगरी में है. अब देखना यह होगा कि पंडित नाथूलाल व्यास की बात का असर किस नेता पर सबसे अधिक होता है। पुरे वर्ष भर ज्योतिष नगरी कारोई में राजनेताओ, ब्यूरोक्रेसी सहित बड़े सेलिब्रिटी का आना जाना होता है लेकिन अभी चुनावी सीजन में देश के चारो राज्यो के राजनेताओं का कारोई में जमावड़ा लगा हुआ है और फोन पर भी इन दिनों चुनाव लड़ने या फिर टिकिट मिलेगा या नहीं, पार्टी से बगावत करने जैसे सवालों पर जिज्ञासा शांत की जा रही है। गुजरात के एक कारोबारी पीयूष देसाई बताते हैं कि वो काफी वर्षों से कारोईं आ रहे है। उनके पिता भी यहां आते रहे है। उनके कारोबार की समृधि में पंडित जी का आशीर्वाद समाहित है। उन्होंने बताया कि विगत वर्षो में एक बार टाटा कार की डीलरशीप के लिए उनको प्रयास करते हुए एक साल का समय बीत गया पर कोई सफलता नहीं मिली। उनके पिता यहां आये और उसके बारे में कहा तो उनको नाथुलाल व्यास द्वारा तारीख निर्धारित कर कहा गया कि यह डीलरशीप अमूक दिनांक को मिल जायेगी और वास्तव में वैसा ही हुआ। इसलिए ही उन्होंने पंडित नाथुलाल व्यास को शोरूम का उद्घाटन होने के बाद एक नई कार गिफ्ट की थी। कुछ इस तरह से बताते हैं भविष्य और होता है अनुष्ठान इन दिनों चुनाव में अपना भाग्य आजमाने वालों से यहां जानकारी हासिंल कर उनके भविष्य के बारे में बताया जा रहा है। कारोई के आध्यात्मिक साधक पं. अशोक व्यास बताते है कि यहां आने वाले जातक (टिकट दावेदार) से उसको चुनौती देने वाले अन्य दावेदारों के नाम और जन्मतिथि पूछी जाती है। ज्योतिषी इन तथ्यों के आकलन के बाद भविष्यफल बताते हैं। उसको यह बता दिया जाता है कि टिकट की दावेदारी में उस दावेदार का स्थान कौनसे पायदान पर है। साथ ही जरूरत पड़ने पर दावेदारी की सीट बदलने की भी सलाह देते हैं। डा. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि टिकट मिलने और चुनाव जीतने की राह में कुंडली में आने वाली बाधाओं को दूर कराने का दावा किया जाता है। इसके लिए जातक के माध्यम से दुर्गा सप्तशती का पाठ, बगुलामुखी देवी का अनुष्ठान, वांछा कल्पलता का प्रयोग, जय प्रयोग और रण दीक्षा अभिषेक आदि प्रकार की पूजा कराने की सलाह दी जाती है। ऐसा राजा महाराजों के समय से होता रहा है। वो लोग कूटनीतिक तरीके से किसी राज्य को हथियाने के लिए ऐसा करते थे। विदेशी महिलाओं का ज्यादा आकर्षण है संहिता में एक बार जापान की एक महिला को पंडित नाथूलाल व्यास ने कहा कि आपका मोक्ष होगा। पहले तो उस महिला को यह समझ में नहीं आया, लेकिन जब उसे इसे अंग्रेजी में बोलकर बताया गया तो वह खुशी के मारे झूमने लगी। जिसके बाद से वह हर वर्ष ज्योतिष नगरी पंडित श्री के दर्शन करने आती है। आज यह संवाददाता कारोई कस्बे में पहुंचा तो दिल्ली में ज्योतिष की विद्या अध्ययनरत चार बालाएं व एक शिक्षिका वहां पहुंची। उन्होंने बताया कि ज्योतिष में भृगु संहिता के बारे में पहली बार सुना है, इसलिए वो कारोई पहुंची है। हिन्दुस्थान समाचार/मूलचन्द पेसवानी/ ईश्वर
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