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गहलोत- शाह की बिछाई शतरंज पर कौन जीतेगा कौन हारेगा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 3 2018 9:05PM
गहलोत- शाह की बिछाई शतरंज पर कौन जीतेगा कौन हारेगा
जोधपुर, 03 नवम्बर (हि.स.)। प्रदेश में सात दिसम्‍बर को होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए अग्रि परीक्षा शुरू हो गई है। दोनों ही अपने अपने गढ़ में राजनीति के चाणक्य समझे जाते है। अब देखना यह है कि इनकी बिछाई शतरंजी बिसात पर कौन खरा उतरेगा और कौन घर को लौटेगा। यह सब 11 दिसम्‍बर को तय हो जाएगा। लेकिन हर दावेदार अपनी तिक्कड़म भिड़ाने के लिए इन नेताओं की चौखट पर दस्तक दे रहा है। लगभग टिकट फाइनल हो गए है, मगर नामों की घोषणा मात्र बाकी है। राजस्थान में भाजपा के स्वघोषित चाणक्य का मुकाबला इस बार धोरों की धरती पर जन्मे असली चाणक्य अशोक गहलोत के साथ है। शाह अमी भूले नहीं होंगे की गुजरात में गहलोत भाजपा की हालत पतली कर दी थी। राजस्थान विधानसभा चुनाव में इन दो चाणक्यों के बीच मुकाबला है। देखना यह होगा कि कौन किसको पटखनी देता है। कांग्रेस ने भाजपा को चारों और से घेरने की तैयारी कर ली है। भाजपा भी अपना पूरा दमखम दिखा रही है।कांग्रेस को पटखनी देने के लिए राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अथ्यक्ष अमीत शाह 200 सीटों में से120 सीटों की कमान संभालने वाले हैं वहीं राहुल गांधी अब तक आधे प्रदेश को नाप चुके हैं। अब वे शेष राजस्थान को नाप कर कांग्रेस को मजबूती देने वाले हैं। इस बार वे जोधपुर में रोड़ शो करेंगे। दोनों दल शक्ति प्रदर्शन में लगे: भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी अपनी तरह से शक्ति प्रर्शन करने में लगे हुए हैं। कौन किस पर भारी पड़ेगा यह सात दिसम्बर के बाद ही पता चल सकेगा। यह तो तय है राजस्थान विधानसभा चुनावों दो चाणक्यों की परीक्षा की घड़ी है। भाजपा अभी गुजरात में मिले जख्मों को भूली नहीं है। वो इन्हीं जख्मों को राजस्थान में मिटाना चाहती है। कांग्रेस ने भाजपा को एक और जख्म देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इन दोनों दलों का मुकाबला तीसरे मोर्चे से भी है जिसने भाजपा और कांग्रेस की नींद उड़ा रखी है। भाजपा और कांग्रेस को तीसरे मोर्चे से भी निपटना है। इस बार मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। प्रदेश दो विकल्पों रहा घिरा: राजनीतिक दलों के लिहाज़ से राजस्थान हमेशा दो विकल्पों से घिरा रहा है, भारतीय राष्ट्र्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी। दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं भाजपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में जबरदस्त कामयाबी हासिल की थी। कुल 200 में से 163 सीटें जीतकर तीन चौथाई बहुमत के साथ भाजपा सत्तारूढ़ हुई थी, जबकि कांग्रेस 21 और बसपा 3 सीटों पर ही सिमट गईं थीं। इस चुनाव में भाजपा को 45.50 फीसदी, कांग्रेस को 33.31 और बीएसपी को 3.48 फीसदी वोट मिले थे। बाद में 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 25 सीटों पर भाजपा का परचम लहराया था। भाजपा ने 180 सीटों पर विजय का लक्ष्य रखते हुए अपने चुनाव अभियान को मिशन 180''नाम दिया है। इस मिशन के तहत भाजपा ने ए ग्रेड की 65 विधानसभा सीटों को चिन्हित किया है। ये वे सीटें हैं, जिन पर भाजपा लगातार दो या इससे अधिक बार जीत रही है। अब भाजपा यह रणनीति बना रही है कि कम से कम 65 सीटों से गिनती प्रारंभ हो और फिर मिशन 180 तक पहुंचा जाए। संगठन की ओर से भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इन क्षेत्रों में तैनात किया गया। राहुल का जोधपुर आना संभावित: बीजेपी से सत्ता छीनने की हरसंभव कोशिशों में जुटी कांग्रेस ने भी अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जयपुर में 13 किमी का रोड शो कर कांग्रेस के अभियान की औपचारिक शुरुआत कर चुके हैं। एक तरफ कांग्रेस वसुंधरा सरकार को घेरने में लगी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस बूथ स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने में लगी है। बूथ स्तर पर कांग्रेस अपनी मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में इन दिनों मेरा बूथ, मेरा गौरव नाम से एक अभियान चला रही है। राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी के तर्ज पर बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट की तरफ कदम बढ़ाया है। चुनाव की रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस जातीय समीकरणों का हवाला देते हुए हवा अपने पक्ष में होने का दावा कर रही है। राहुल गांधी के दीपावली के बाद जोधपुर में रोड शो कराए जाने की पूर्ण संभावना जताई जा रही है और बाड़मेर में सभा भी हो सकती है। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी तैयारी कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/ सतीश/ ईश्वर
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