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भाजपा सरकार ने केवल झूठे वादे किए : गुलाम नबी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 3 2018 4:43PM
भाजपा सरकार ने केवल झूठे वादे किए : गुलाम नबी
जयपुर, 03 नवम्बर (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले मोदी ने कई बड़े बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद सभी वादे ताश के पत्तों के महल की तरह धराशायी हो गए। आजाद ने शनिवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सररकार बनने से पहले वादा किया था कि विदेशों में जमा काला धन देश में लाएंगे, लेकिन कालाधन देश में वापस नहीं आया और जो लोग काला धन लेकर देश से भाग गए सरकार उन्हें आज तक वापस नहीं ला पाई। उन्होंने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया। लेकिन आज भाजपा सरकार के राज में छोटी-बड़ी सभी बच्चियां असुरक्षित है। उनके साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। बलात्कार की घटनाएं हर स्तर पर बढ़ रही हैं। राजस्थान में 2014 से 2017 तक 80 हजार मामले महिला अपराध के हैं। वहीं छह महीनों में ही राजस्थान में 1100 मामले पोक्सो एक्ट में दर्ज हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर भी निशाना साधाते हुए कहा कि देश में अभी तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं उनके समय ऐसा कभी नहीं हुआ है जैसा इस बार हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पहले भी रही है। लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने इतने दौरे नहीं किए हैं। नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने विदेश घूमने का रिकॉर्ड बना दिया। हमें घूमने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन इन दौरों से देश की सुरक्षा और आर्थिक लाभ होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। आजाद ने आरोप लगाया कि विजय माल्या से लेकर मेहुल चौकसी तक देश का पैसा लेकर भागते रहे और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। केंद्र और राज्य सरकार को रोजगार के मुद्दे पर भी विफल रही है। उन्होंने कहा कि मोदी ने दस करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। इस हिसाब से अब तक नौ करोड़ युवाओं को रोजगार मुहैया हो जाना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 20 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। वहीं मुख्यमंत्री राजे ने भी 15 लाख युवाओं को नौकरी का सपना दिखाया था, लेकिन दोनों ने इसे पूरा नहीं किया। आंकड़ों के जरिए उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग 20 लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं। दोनों ही सरकारें बड़े बड़े वादे करती हैं, जिनका कोई नतीजा नहीं निकलता है। हिन्दुस्थान समाचार/ रितिका/ ईश्वर
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