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भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए सुभाष महरिया की दखल से टिकट वितरण गड़बड़ाया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 2 2018 4:25PM
भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए सुभाष महरिया की दखल से टिकट वितरण गड़बड़ाया
सीकर, 02 नवम्बर (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रीमण्डल में केन्द्रीय राज्य मंत्री रहे सुभाष महरिया का कांग्रेस में प्रवेश जिले के कई दिग्गज कांग्रेसजनों के लिए दुखादायी हो गया है। महरिया ने सीकर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के दिग्गज चौधरी बलराम जाखड़ को शिकश्त देकर भाजपा में केन्द्रीय स्तर पर पंहुच बनाई थी। 25 अक्टूबर को सीकर में राहुल गांधी की सभा के आयोजन में प्रभावी भूमिका महरिया की रही। राजनीतिक दलों में आलाकमान में सीधी दखल कर स्थानीय नेताओं की किलेबंदी करने के माहिर महरिया के कांग्रेस में आगमन के साथ ही स्थानीय कांग्रेसी सकते में है। राजस्थान विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही महरिया की दखल से जिले में टिकट वितरण के समीकरण गड़बड़ा गए है। सबसे अधिक प्रभावित सीकर, फतेहपुर, नीमकाथाना व खण्डेला विधानसभा की टिकट को लेकर सामने आया है। सीकर के चार बार के विधायक व गहलौत शासन में काबीना मंत्री रहे राजेन्द्र पारीक को अपनी टिकट के लिए दिल्ली में डेरा डालना पड़ा है। सुभाष महरिया के अनुज व उनके साथ कांग्रस के समर्थन में आए फतेहपुर विधानसभा से निर्दलीय विधायक नन्दकिशोर महरिया की फतेहपुर से दावेदारी से जिले में परम्परागत जातिगत प्रत्याशियों के चयन के समीकरण गड़बड़ा गए है। अल्पसंख्यक समुदाय के लिए परम्परागत फतेहपुर विधानसभा सीट पर अन्य को टिकट देने का सीधा असर सीकर विधानसभा के टिकट आवंटन पर सामने आया है। सीकर की ब्राह्मण समुदाय के लिए चयनित सीट पर अल्पसंख्यक समुदाय की दावेदारी प्रबल बनी है। इसी के कारण फतेहपुर व सीकर के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी के चयन को लेकर आलाकमान तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भाजपा में प्रभावी रहने के दौरान सुभाष महरिया की नीमकाथाना से भाजपा विधायक प्रेमसिंह बाजौर व नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हरिराम रणवां के बीच खुले तौर पर खींचतान रही है। आपसी राजनीतिक वैमन्स्य का काउण्टर करने के लिए महरिया नीमकाथाना में भी कांग्रेस प्रत्याशी अपनी पसंद का मांग रहे है। लोकसभा चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी रहे सुभाष महरिया कांग्रेस के महादेव सिंह खण्डेला से मिली हार का बदला निकालने की जुगत में है। सीकर जिले में कांग्रेस में एकाधिकार की महत्वकांक्षा के कारण ही पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री व विधानसभा क्षेत्र खण्डेला से छह बार विधायक रहे महादेव सिंह खण्डेला की राजनीति को हाशिए पर लाने का महरिया प्रयास कर रहे है। जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर कांग्रेस आलाकमान की ओर से चुनावी तैयारी में जुट जाने के संकेत दे दिए है। आलाकमान के संकेत मिलने के साथ ही जिले के विधानसभा क्षेत्र दांतारामगढ से पूर्व काबीना मंत्री नारायण सिंह के पुत्र वीरेन्द्र सिंह, आरक्षित क्षेत्र धोद से पूर्व मंत्री परसराम मोरदिया, लक्ष्मणगढ से वर्तमान विधायक व विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक गोविन्द सिंह डोटासरा तथा श्रीमाधोपुर से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह पूरे जोश खरोश के साथ चुनावी तैयारी में जुट गए है। सुभाष महरिया की राजनीतिक कुशलता के साथ अपनाई रणनीति के कारण जिले की सीकर, फतेहपुर, नीमकाथाना व खण्डेला विधानसभा की टिकट आवंटन को लेकर कशमकस की स्थिति आ गई है। हालांकि सुभाष महरिया ने स्वयं विधायक के लिए दावेदारी से स्पष्ट तौर पर इंकार किया है लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस से अपनी प्रबल दावेदारी मानकर जिले के परम्परागत कांग्रेसी नेताओं पर शिकंजा कसने में जुटे है। हिन्दुस्थान समाचार / पवन/ ईश्वर
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