Hindusthan Samachar
Banner 2 बुधवार, नवम्बर 21, 2018 | समय 13:01 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

कांग्रेस महिला उम्मीदवारी के प्रति उदासीन, आजादी बाद पहली बार भाजपा ने विधायक बनाया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 1 2018 5:21PM
कांग्रेस महिला उम्मीदवारी के प्रति उदासीन, आजादी बाद पहली बार भाजपा ने विधायक बनाया
सीकर, 01 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए प्रयास नहीं किया। यही कारण है कि अब तक हुए चुनावों में जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने किसी भी महिला प्रत्याशी को टिकट देकर मैदान में नहीं उतारा। भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिले की सीकर व दांतारामगढ विधानसभा क्षेत्र से दो महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा, जिनमें वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में सीकर विधानसभा क्षेत्र से राजकुमारी शर्मा विजयी रहीं तथा वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में विधानसभा क्षेत्र दांतारामगढ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी पुष्पाकंवर तीसरे स्थान पर रही। विधानसभा में जिले से महिलाओं की भागीदारी पर नजर डाले तो काफी निराशाजनक है। गत पन्द्रह वर्ष के दौरान हुए राजस्थान विधानसभा के तीन चुनावों में जहां 273 पुरुष प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे वहीं मात्र नौ महिलाओं ने अपने क्षेत्र से जनप्रतिनिधित्व करने का प्रयास किया। गत तीन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के महिलाओं को आगे लाने के प्रयास के तहत दो महिला प्रत्याशी मैदान में उतारे जिनमें एक विजयी हुई तथा एक तीसरे स्थान पर रही । इसके अलावा सात महिलाओं ने अपने दम पर बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा लेकिन मतदाताओं ने उन्हें खासा निराश किया और वे अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। वर्तमान वर्ष 2018 के चुनावी माहौल से पूर्व के तीन चुनावों में महिलाओं की राजनीतिक सक्रियता काफी निराशाजनक रही। वर्ष 2003 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में जिले के विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, धोद, दांतारामगढ, खण्डेला व नीमकाथाना से एक भी महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतरी। सीकर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की राजकुमारी शर्मा तथा बतौर निर्दलीय विमला ओला मतदाताओं के बीच उतरी तथा विधानसभा क्षेत्र श्रीमाधोपुर से बतौर निर्दलीय उर्मिला ने जन प्रतिनिधित्व पाने का प्रयास किया। इस चुनाव में भाजपा की महिला प्रत्याशी राजकुमारी शर्मा मतदाताओं का समर्थन पाने में सफल होकर आजादी के बाद पहली बार राजस्थान विधानसभा की दहलीज पर कदम रखा। राजस्थान विधानसभा के वर्ष 2008 के चुनावों में जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों से जहां 96 पुरुष प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे वहीं केवल चार महिलाओं ने भाग्य अजमाया। भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधानसभा क्षेत्र दांतारामगढ से पुष्पा कंवर को चुनाव मैदान में उतारा। क्षेत्र के 32 हजार 714 मतदाताओं का समर्थन हासिल कर पुष्पा तीसरे स्थान पर रही। इस वर्ष के चुनावों में जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों से जहां 96 पुरुष प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे वहीं भाजपा की पुष्पा कंवर सहित केवल चार महिलाओं ने भाग्य अजमाया। इस चुनाव में महिला प्रत्याशी का सबसे चर्चित चेहरा विधानसभा क्षेत्र धोद में रहा। इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी पूर्व मंत्री परसराम मोरदिया के सामने पारिवारिक कलह से पीडि़त होकर उनकी पुत्रवधु लक्ष्मी ने बतौर निर्दलीय ताल ठोक दी। वर्ष 2008 के चुनावों में जिले की विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर, सीकर, खण्डेला, व नीमकाथाना से एक भी महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं आई। इसके अलावा लक्ष्मणगढ व श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्रों में एक एक महिला प्रत्याशी बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी। राजस्थान विधानसभा के वर्ष 2013 के गत चुनावों में जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों से जहां 88 पुरुष चुनाव मैदान में उतरे वहीं केवल दो महिलाएं ही प्रत्याशी रही। गत चुनावों में जिले की फतेहपुर, लक्ष्मणगढ, धोद, खण्डेला, नीमकाथाना व श्रीमाधोपुर में केवल पुरुष प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रहा। जिले के विधानसभा क्षेत्र सीकर व दांतारामगढ से एक एक महिला प्रत्याशी बतौर निर्दलीय चुनावी समर में उतरी। हिन्दुस्थान समाचार/पवन/संदीप
image