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बाड़मेर से चार सांसद बने विधायक, अब पांचवा विधायक बनने की तैयारी में

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 29 2018 2:15PM
बाड़मेर से चार सांसद बने विधायक, अब पांचवा विधायक बनने की तैयारी में

नीरज

बाड़मेर। राजस्थान विधानसभा चुनाव सात दिसम्बर को होने जा रहे है। बाड़मेर के सात विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी हलचल शुरू हो गई है, वहीं सभी क्षेत्रों में पार्टी द्वारा उम्मीदवार की घोषणा बाकी है। सभी विधानसभा सीटों पर दोनों प्रमुख पार्टियों से दावेदारों की भरमार है, तो कई सीटों पर प्रबल दावेदारों को टिकट नही मिलने से निर्दलीय चुनाव लड़ने के भी संकेत है।

बाड़मेर राजस्थान का एक मात्र ऐसा लोकसभा क्षेत्र है जहां के चार सांसद विधायक भी रहे है। अब पांचवे सांसद हरीश चौधरी भी इस बार विधायक बनने के लिए बायतु विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। पूर्व सांसद हरीश चौधरी 2009 में बाड़मेर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके है । अभी हरीश चौधरी राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व पंजाब प्रभारी भी है।

जानकारों की माने तो दे राज्य और केन्द्र दोनों में राजनीति करने वाले कम ही राजनेता है, लेकिन बाड़मेर जिले के चार ऐसे राजनेता भी है जो सांसद भी रहे व विधायकी भी की । राजनीतिक उलटफेर के मुताबिक खुद की राजनीति को बचाने या उसकी साख जमाने के लिए व राजनीति में कोई बड़ा फायदा लेने के लिए वे कभी सांसद का चुनाव लड़े तो कभी विधानसभा चुनाव मैदान में भी आ गए। जिले में रामराज्य परिषद से तनसिंह बाड़मेर से 1952 एवं 1957 में वे विधायक रहे।

1962 में उन्होंने सांसद का चुनाव जीता और 1977 में एक बार फिर तनसिंह सांसद रहे। उनके सामने ही 1952 में कांग्रेस से चुनाव हारने वाले वृद्धिचंद जैन 1967 में पहली बार बाड़मेर से विधायक बने। लगातार तीन बार 1962,72 एवं 77 में विधायक रहे वृद्धिचंद 1980 और 1984 में सांसद बन गए। 1998 में फिर वे बाड़मेर के विधायक बने। इसी तरह बतौर सांसद अपनी पारी शुरू करते हुए कर्नल सोनाराम चौधरी 1996,1998 एवं 1999 में तीन बार कांग्रेस से सांसद बने। 2008 में वे राज्य की राजनीति में आ गए और नवगठित बायतु विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़े व विधायक चुने गए। यहां उनकी कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं से अनबन भी रही तो कभी कर्नल सोनाराम अपने बयानों से चर्चा में भी रहे। 2014 के लोकसभा चुनावों से ऐनवक्त पहले भाजपा का दामन थाम चुनाव लड़ा। 2014 के लोकसभा चुनावों में फिर से कर्नल सोनाराम सांसद हो गए।

इसी तरह मानवेन्द्रसिंह भी 2004 में बाड़मेर सांसद रहे, लेकिन 2013 से वे शिव के विधायक हैं। राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व पंजाब प्रभारी पूर्व सांसद हरीश चौधरी बायतु से टिकट के दावेदारों में है व लगभग तय है बायतु से कांग्रेस उम्मीदवार हरीश ही होंगे। अभी कुछ दिन पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने बायतु में एक सभा मे ये ऐलान भी कर दिया था कि हरीश ही बायतु विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार होंगे। शिव विधायक मानवेन्द्र सिंह ने 22 सितम्बर को स्वाभिमान सभा कर 'कमल का फूल मेरी भूल' कहकर भाजपा छोड़ दी है व बाद में इशारों ही इशारों में अगला लोकसभा चुनाव बाड़मेर से लड़ने की बात भी कही थी। भाजपा सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी को बाड़मेर या बायतु विधानसभा से चुनाव लड़ाने मैदान में उतार सकती । कर्नल ने खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की है।

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