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सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस चेलमेश्वर आज होंगे रिटायर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 22 2018 2:59PM
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस चेलमेश्वर आज होंगे रिटायर
नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर आज (शुक्रवार को) आधिकारिक रूप से रिटायर हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में डिसेंटिंग जज के रूप में अपनी छवि बना चुके जस्टिस चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट में 7 साल जज रहे। जस्टिस चेलमेश्वर के नेतृत्व में ही उनके आवास पर पिछले 12 जनवरी को चार वरिष्ठतम जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि लोकतंत्र खतरे में है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार था कि जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था पर सव। उनके साथ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन जजों ने आरोप लगाया था कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा केसों के बंटवारे में भेदभाव करते हैं। चुनिंदा केस अपनी पसंद की बेंचों को आवंटित करते हैं। जस्टिस चेलमेश्वर के डिसेंटिंग जज होने की कई वजहें हैं। जब 2015 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली संविधान बेंच ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) एक्ट 2014 को निरस्त किया था तब वे संविधान बेंच के एकमात्र जज थे जिन्होंने एनजेएसी के पक्ष में फैसला दिया था। संविधान बेंच ने 4-1 के बहुमत से कॉलेजियम सिस्टम को बहाल रखा था। सुप्रीम कोर्ट में परंपरा रही है कि जब कोई जज रिटायर होता है तो उसके अंतिम कार्यदिवस के दिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन उनके सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन करता है लेकिन जस्टिस चेलमेश्वर ने इस समारोह में आने से इनकार कर दिया। जस्टिस चेलमेश्वर ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पिछले 7 अप्रैल को लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका विषय पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा था कि महाभियोग हर मर्ज की दवा नहीं है। उन्होंने कहा था कि वे रिटायर होने के बाद कोई सरकारी पद ग्रहण नहीं करेंगे। जस्टिस चेलमेश्वर से जब ये पूछा गया थी कि क्या कॉलेजियम का ऑडिट जरूरी है तो उन्होंने कहा था कि किसी भी सिस्टम को जवाबदेह होना चाहिए। कोई सिस्टम पूर्ण नहीं है। इसलिए कॉलेजियम का भी ऑडिट होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि हम में से कोई निजी संपत्ति के लिए नहीं लड़ रहा है। हमारे बीच सांस्थानिक मसलों पर मतभेद है। जस्टिस चेलमेश्वर का जन्म आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था। 23 जून,1997 को वो आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल जज और 17 मई,1999 को स्थायी जज बने। उन्हें 03 मई,2007 को गुवाहाटी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था। इसके बाद 17 मार्च,2010 को वे केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। जस्टिस चेलमेश्वर को 10 अक्टूबर,2011 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/ललित/आकाश
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