Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, नवम्बर 20, 2018 | समय 21:01 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

बड़े सरकारी अफसर नहीं चाहते सार्वजनिक हो उनकी संपत्ति का ब्योरा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 23 2018 1:02PM
बड़े सरकारी अफसर नहीं चाहते सार्वजनिक हो उनकी संपत्ति का ब्योरा
नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने और इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद उच्च सरकारी पदों पर कार्यरत अधिकांश आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, इंजीनियर, आरटीओ आदि लोगों को अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा देने में परेशानी हो रही है। जिनमें ज्यादातर ने किसी न किसी तरह से आय से अधिक सम्पत्ति बनाई हुई है, चाहे वह सम्पत्ति नामी हो या बेनामी। विभिन्न राज्यों में ऐसे सभी मंत्री और अफसर जो सरकार से वेतन पाते हैं और हर वर्ष आयकर भरते हैं लेकिन अब इनको प्रति वर्ष अपनी चल व अचल सम्पत्ति, पति/पत्नी की सम्पत्ति का ब्यौरा, उद्योग आदि का भी ब्यौरा देना होता है। कई राज्यों में कई विभाग के बड़े-बड़े पदों पर बैठे अफसर अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा जमा करने में हिला-हवाली करते हैं। कई राज्य सरकारों को तो अपने अफसरों से यह ब्यौरा निकलवाने में कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा है। दूसरी तरफ, आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, इंजीनियर आदि सरकारी अफसर उनके संपत्ति के ब्यौरों को सार्वजनिक करने के फैसले पर गुरेज कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में हरियाणा के 33 आईएसएस अफसरों ने अपने सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने से साफ मना कर दिया है। जबकि उसी हरियाणा के 36 आईएएस अफसरों का कहना है कि उनको अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं है। उनका कहना कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता होनी चाहिए। विशेषकर जो पब्लिक सर्वेंट हैं और प्रशासन में बड़े पदों पर हैं क्योंकि जनहित की सारी योजनाएं इन्हीं अफसरों की देखरेख में लागू होती हैं। करोड़ों-अरबों रुपये के प्रोजेक्ट इन्हीं अफसरों के जरिए पूरे किये जाते हैं, जिसमें करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की आशंका रहती है। भ्रष्ट अफसरों-मंत्रियों-ठेकेदारों के सांठ-गांठ से करोड़ों-अरबों रुपये के घोटाले सामने भी आते हैं। इसलिए भी सभी आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, इंजीनियर आदि अफसरों को अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किये जाने पर ऐतराज नहीं होना चाहिए। इस बाबत जलाधिकार फाउंडेशन के महासचिव व सीए कैलाश गोदुका का कहना है कि जितने भी आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, इंजीनियर, आरटीओ आदि सरकारी अफसर हैं, उनकी सम्पत्तियों का ब्यौरा प्रति वर्ष अवश्य सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यह सभी पब्लिक सर्वेन्ट हैं। इनकी आय व सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक होना ही चाहिए ताकि पता चल सके कि इनकी जो जायज आमदनी है, उससे अधिक सम्पत्ति भ्रष्टाचार करके तो नहीं बनाई है। ऐसे में जो लोग ब्यौरे को सार्वजनिक किए जाने का विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मालूम हो कि हरियाणा में आईएएस, आईपीएस व अन्य सरकारी अफसरों की सम्पतियों का ब्यौरा सार्वजनिक करने को लेकर एक जनहित याचिका पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने सभी अफसरों की सम्पति सार्वजनिक करने के लिए याचिका लगाई है ताकि पता चल सके कि किस अफसरों के पास सम्पति कितनी है। समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है दिल्ली से सटे हरियाणा के गुड़गांव और उत्तर प्रदेश के नोएडा व गाजियाबाद में तैनात विकास प्राधिकरण के इंजीनियर या जिले के आईएएस, आईपीएस हैं, उनमें गिने-चुने लोग ही ईमानदार हैं। इसकी पुष्टि मायावती और मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनात यादव सिंह और ब्रजपाल सिंह चौधरी भ्रष्टाचार के कारनामे उजागर हो चुके हैं। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्णमोहन/आकाश
image