Hindusthan Samachar
Banner 2 रविवार, सितम्बर 23, 2018 | समय 02:52 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

लोकसभा चुनाव से पहले ममता के मंत्रियों के खिलाफ तेज होगी सीबीआई जांच

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 20 2018 7:19PM
लोकसभा चुनाव से पहले ममता के मंत्रियों के खिलाफ तेज होगी सीबीआई जांच
कोलकाता, 20 जून (हि.स.)। वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गैर भाजपा और गैर कांग्रेस गठबंधन बनाने में जुटी ममता बनर्जी सरकार के मंत्रियों व नेताओं के खिलाफ सीबीआई अब जांच तेज करने जा रही है। बुधवार को कोलकाता स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय में विशेष बैठक के दौरान सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने इसे लेकर सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इसी साल दिसंबर से पहले हर हाल में शारदा, नारदा और रोजवैली आदि चिटफंड मामले की जांच पूरी करनी होगी। इसके लिए अतिरिक्त सीबीआई अधिकारियों को जांच में शामिल करने की अनुमति भी उन्होंने दी है। बताया गया है कि एक सप्ताह के अंदर कम से कम पांच दक्ष अधिकारी मामले की जांच में अतिरिक्त तौर पर जुड़ेंगे। दरअसल राकेश अस्थाना विशेष दौरे पर मंगलवार को कोलकाता के साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉन्प्लेक्स पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय में पहुंच गए थे। उन्होंने आला अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की थी एवं बुधवार को चिटफंड मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को विशेष तौर पर बुलाया था। उनके निर्देश के अनुसार बुधवार सुबह 11 बजे के करीब कोलकाता के निजाम पैलेस सीबीआई दफ्तर में सभी जांच अधिकारी केस डायरी के साथ पहुंचे थे। राकेश अस्थाना ने मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की व जांच में सुस्ती को लेकर अधिकारियों को फटकार भी लगाया है। बताया गया है कि इस दौरान उनसे अतिरिक्त जांच अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई, जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार किया और साफ कर दिया कि सभी चिटफंड मामलों की जांच में चार्जशीट पेश करने से पहले जांच पूरी करनी होगी। इसके लिए तेज गति से जांच करने का निर्देश उन्होंने दिया है। राकेश अस्थाना ने साफ किया है कि जांच के आड़े आ रहे हर तरह के तथ्यों को केंद्रीय मुख्यालय को अवगत कराया जाए। उसे हर हाल में सुलझाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जांच की गति तेज होने से ममता बनर्जी की सरकार में मंत्रियों और नेताओं की मुश्किलें काफी बढ़ने वाली हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ममता पर केंद्र सरकार के राजनीतिक दबाव की रणनीति के तहत भी इसे देखा जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ प्रकाश/दधिबल
image