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2019 फतह में 5 फच्चर, काट के लिए जुटे संघ- भाजपा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 19 2018 1:11PM
2019 फतह में 5 फच्चर, काट के लिए जुटे संघ- भाजपा
नई दिल्ली,19 जून(हि.स.)। भाजपा व संघ के सर्वोच्च नीति निर्धारकों ने दिल्ली से सटे सूरजकुंड के सरकारी राजहंस होटल में ,2019 लोकसभा चुनाव फतह के लिए जो राजनीतिक चौसर बिछाने की रणनीतिक बनाई है,उसके कारगर होने में 5 बड़े फच्चर चिन्हित किये गए। एक - विपक्षी गठबंधन, दो- दलितों की नाराजगी,तीन-किसानों की समस्या,चार-बेरोजगारी और पांच- व्यवसाइयों की बर्बादी। सूत्रों के मुताबिक मिशन 2019 कामयाब होने में इन 5 बड़े व्यवधान से पार पाने के लिए संघ व भाजपा ने कई तरह के उपक्रम एक साथ करने, अभियान चलाने का निर्णय किया है। इसमें केन्द्र व भाजपा शासित राज्यों के तंत्र का भी हर तरह से उपयोग होगा। सूत्रों का कहना है कि विपक्षी गठबंधन नहीं होने पाये, इसके लिए भ्रष्टाचार में लिप्त विपक्षी नेताओं की फाइल खोल दी जाएगी। उनसे, उनके परिजनों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो जाएगी। कुछ की गिरफ्तारी भी हो सकती है। जनता व उन भ्रष्ट नेताओं के समर्थकों व जाति के लोगों में नाराजगी नहीं हो इसके लिए हर स्तर पर यह प्रचार किया जाएगा कि ये विपक्षी नेता कितने भ्रष्ट हैं| इन्होंने देश का खजाना, जनहित की योजनाओं का, लोगों के टैक्स का पैसा किस तरह से लूट कर अपना घर भरा है। अपने खानदान को बढ़ाया है, मालामाल किया है। जातिवाद ,परिवारवाद का नंगा नाच किया है। दलितों की नाराजगी दूर करने के लिए उनसे संघ व भाजपा के कार्यकर्ता,नेता मेल-जोल बढ़ायेंगे| उनके घरों में भोजन करने जायेंगे| केन्द्र व राज्य सरकारें उनके लिए तरह-तरह की योजनाएं लाएंगी, उनका खूब प्रचार करेंगी। जो विपक्षी दलों के पूज्य दलित नेता हैं उनके नाम पर भी योजनाएं लाएंगी, उनके भी स्मृति स्थलों पर समारोह करेंगी, जिसमें भाजपा व संघ के नेता जायेंगे। इसके अलावा विपक्षी दलों द्वारा भाजपा व संघ का दलित विरोधी होने के प्रचार की काट के लिए हर माध्यम का उपयोग किया जायेगा। किसानों की समस्या, उनके उत्पाद के उचित मूल्य देने आदि के बारे में केन्द्र व राज्य भाजपा सरकारों ने बीते 4 वर्ष में क्या- क्या किया है ,इसका सरकारों के अलावा संघ व भाजपा के सभी आनुषांगिक संगठनों के मार्फत प्रचार अभियान चलाया जाएगा। अगले 7 माह में देश के हर गांव में , वहां के लोगों के साथ कम से कम एक बार बैठक करके ,उनकी समस्याओं से संबंधित रिपोर्ट बनाकर ,संबंधित अधिकारियों से उसे दूर कराने का उपक्रम होगा। इसकी जिम्मेदारी संघ व भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं को दी जाएगी। बढ़ती बेरोजगारी के चलते युवकों में भाजपा व उसकी सरकारों के विरूद्ध बढ़ते रोष को दूर करने के लिए उनको केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा रोजगार के लिए चलाई जा रही तरह-तरह की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा उनको अपने खुद के लाभ से अधिक देशहित में काम करने की सलाह दी जाएगी। यह बताया जाएगा कि भाजपा की केन्द्र सरकार में देश कितना बलवान हो रहा है, देश कितना सम्पन्न हो रहा है,भ्रष्टाचारी गिरफ्तार हो रहे हैं। इसलिए इस बदलाव में यदि किसी को कुछ नहीं मिल पा रहा है, थोड़ी परेशानी हो रही है, तो उसको देशहित, राष्ट्रहित में सब्र करना होगा। थोड़ा कष्ट सहना होगा। इसके लिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन तोड़-फोड़ नहीं करना चाहिए। इससे देश, राष्ट्र व सरकार,उसके नेता की छवि को बहुत नुकसान होता है। व्यवसाइयों, विशेषकर छोटे व मध्यमवर्गीय व्यवसाइयों की नाराजगी दूर करने के लिए समझाया जाएगा कि नोटबंदी, जीएसटी से आप सबका ही भला हो रहा है। इसका लाभ कुछ वर्ष बाद दिखेगा। इसलिए राष्ट्रहित में, देशहित में, समाजहित में आप लोग जैसे 2014 में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनवाये थे,उसी तरह से 2019 में भी मोदी की भारी बहुमत से सरकार बनवाइए। यदि आप लोग एकजुट होकर भाजपा को वोट नहीं देंगे तो विपक्षी दलों को फायदा होगा और उनके राज में किस तरह का भ्रष्टाचार, लूट, घूसखोरी होती रही है, इसको आप लोग भुगत ही चुके हैं। इस तरह 2019 फतह के इन 5 प्रमुख ब्यवधानों से निबटने की योजना बनी है। साथ में रामलला मंदिर निर्माण के लिए अक्टूबर 2018 से अभियान चलाकर पूरे उत्तर भारत को राममय करने की भी योजना है। इससे मंदिर – मस्जिद मुद्दा एक बार फिर गरमाएगा तो हिन्दू-मुस्लिम मतदाता पोलराइज होगा। हिन्दू पोलराइज होगा तो फायदा विपक्षी दलों को नहीं होगा और 2019 फतह आसानी से हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार / कृष्णमोहन/राधा रमण
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