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महिला आरक्षण की सिर्फ बातें, टिकट उन्हें जो जीत सकती हैं चुनाव

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 21 2018 6:16PM
महिला आरक्षण की सिर्फ बातें, टिकट उन्हें जो जीत सकती हैं चुनाव

संजीव

भोपाल, (हि.स.)। महिला सुरक्षा और आरक्षण की बातें कर तारीफ बटोरने वाले राजनीतिक दल हर बार की तरह इस बार भी महिलाओं को टिकट देने में आनाकानी करते नजर आ रहे हैं। सदन में महिला को 33 फीसदी आरक्षण संबंधी विधेयक का मुद्दा हर बार चुनावी माहौल में सुनाई देने वाला एक किस्सा भर बनकर रह गया है, लेकिन संसद के दोनों सदनों में पास नहीं हो पा रहा। हैरत की बात तो यह है कि सभी राजनीतिक दलों में महिलाओं का अलग संगठन होता है, लेकिन कोई भी अपने हक के लिए आवाज नहीं उठाता। शायद यही कारण है कि महिलाएं अपनी दावेदारी तो करती हैं, लेकिन पार्टियां उन्हें टिकट तभी देती हैं, जब उनकी जीत सुनिश्चित हो।

 

तब सबसे ज्यादा महिलाएं पहुंची थीं सदन

 

प्रदेश की स्थापना के बाद 1957 में पहली बार चुनाव संपन्न हुए। तब पहले चुनाव में ही सबसे ज्यादा महिलाएं सदन में पहुंची थीं। उस समय विधानसभा के सदस्यों की सुख्या 288 थी। वहीं अपनी जीत दर्ज कराने वाली महिलाओं की संख्या 34 थी।

 

आपातकाल के दौरान सबसे कम थी संख्या

 

1977 में इमरजेंसी के कारण पूरे देश में इंदिरा गांधी की खिलाफत का माहौल था। यह वह समय था जब सदन में सबसे कम महिलाएं पहुंची थी। तब विधानसभा की 320 सीटें थीं। लेकिन उस समय केवल 10 महिलाएं चुनाव जीतीं थीं। वहीं जब छत्तीसगढ़ की अलग स्थापना हुई तब यानी 2000 में 12 महिला सदस्य छत्तीसगढ़ चली गईं।

 

महिलाओं का वर्चस्व ही दिलाएगा टिकट

 

आरक्षण की बातें करने वाले राजनीतिक दल इस बार भी महिला आरक्षण के हिसाब से टिकट देने के बजाय उनके वर्चस्व को आधार बनाकर टिकट देने ककी बात कर रहे हैं। भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही 33 फीसदी आरक्षण से इतर उन्हीं महिलाओं को टिकट देने का राग अलाप रहे हैं, जिनकी जीत सुनिश्चित है, लेकिन आरक्षण के हिसाब से 'नो टिकट।'

 

जानें कब जीतीं कितनी महिलाएं

 

विधानसभा           वर्ष           संख्या

पहली          1956          12

दूसरी               1957              34

तीसरी        1962          16

चौथी               1967            11

पांचवीं        1972         17

छठवीं              1977           10

सातवीं         1980       19

आठवीं              1985          32

नौंवी            1990      11

दसवीं                1993        14

ग्यारहवीं      1998     30

बारहवीं             2003        19

तेरहवीं        2008      25

चौदहवीं           2013         30

 

2013 में जीतीं महिलाओं की संख्या

 

वर्ष 2013 में जीतने वाली महिलाओं की कुल संख्या 30 है। इनमें 22 भाजपा की, तो 6 कांग्रेस और 2 बसपा की प्रत्याशी शामिल हैं। देखें ये सूची...

 

* भाजपा की विधायक :

माया सिंह ग्वालियर पूर्व, यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी, ममता मीना चाचौड़ा, पारुल साहू केशरी सुरखी, अनीता सुनील नायक पृथ्वीपुर, ललिता यादव छतरपुर, रेखा यादव बड़ा मलहरा, उमादेवी खटीक हटा, कुसुम सिंह मेहदेले पन्ना, नीलम अभय मिश्रा सेमरिया, प्रमिला सिंह जयसिंह नगर, मीना सिंह मानपुर, प्रतिभा सिंह बरगी, गायत्री राजे पवार देवास, योगिता बोरकर पंधाना, अर्चना चिटनिस बुरहानपुर, निर्मला भूरिया पेटलावद, रंजना बघेल मनावर, नीना विक्रम वर्मा धार, उषा ठाकुर इंदौर तीन, मालिनी गौड़ इंदौर चार।

* कांग्रेस की विधायक :

इमरती देवी डबरा, शकुंतला खटीक करैरा, चंदा सुरेंद्र सिंह गौर खरगापुर, सरस्वती सिंह चितरंगी, हिना लिखीराम कावरे लांजी, झूमा सोलंकी भीकनगांव।

* बसपा की विधायक :

ऊषा चौधरी रैंगाव, शीला त्यागी मनगवां।

 


 
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