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उज्‍जैन की सभी विधानसभा सीटों पर बदलेंगे चेहरे..!

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 23 2018 7:54PM
उज्‍जैन की सभी विधानसभा सीटों पर बदलेंगे चेहरे..!

उज्जैन, 23 अक्‍टूबर (हि.स.)। अगर सबकुछ ठीक रहा तो कांग्रेस-भाजपा के शीर्ष सूत्रों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिले की सातों सीटों पर पार्टियां नए चेहरे उतारेगी। भाजपा का मानना है कि जिले में पार्टी को एंटी इन्कमवेंसी झेलना होगी। वहीं कांग्रेस मानकर चल रही है कि पुराने चेहरों को टिकट देने पर एक बार फिर भीतरघात का सामना करना पड़ेगा। भाजपा चौथी बार जीत के लिए जोर लगाएगी। वहीं कांग्रेस तीन बार की हार का सिलसिला तोडऩे के मूड में है। 

 
जिले सात विधानसभा सीटें उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, बडऩगर, तराना, महिदपुर और नागदा-खाचरौद हैं। इन सातों सीटों पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है। भाजपा के सातों निवृत्तमान विधायकों के अलावा सभी सीटों से कम से कम पांच से दस दावेदार इस बार टिकट मांग रहे हैं। भोपाल के सूत्र बताते हैं कि उच्च स्तर पर जो सर्वे हुआ है उसमें जिले की कम से कम चार सीटों पर भाजपा के खेमे में सेंध लगने का अंदेशा बताया गया है। 
 
सूत्रों के अनुसार ये चारों सीटें वे होंगी जहां वर्तमान में निवृत्तमान विधायकों को पुन: मौका दिया तो आशंका है कि पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ेगा। इसी प्रकार सूत्रों का कहना है कि तीन विधानसभा सीटें ऐसी हैं जिन पर यदि चेहरा नहीं बदला तो आशंका है कि कांग्रेस बाजी मार जाए। 
 
इधर कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि जिले में सातों विधानसभा सीटों पर गत बार हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके पूर्व के दो चुनावों में कुछ हाथ में आया और कुछ हाथ से निकल गया था। इस आने और निकलने की इतिहास हो चुकी बात को भुलाते हुए बड़े नेताओं का मानना है कि सातों सीटों पर नए चेहरे उतार दिए जाएं। 
 
भोपाल के सूत्रों के अनुसार पूर्व में जीत हासिल कर चुके और हार चुके कांग्रेस नेताओं को यदि पार्टी मौका देती है तो खेमेबाजी के कारण भीतरघात होगी और पार्टी यह चुनाव भी हार सकती है। पार्टी नेताओं में एक राय बन गई है कि प्रत्याशी किसी भी नेता का समर्थक हो, नए चेहरे को मौका दिया जाए, ताकि वह जीत का दावा पुख्ता कर सके। इसके पीछे के कारणों में पट्ठावाद को बढऩे से रोकना भी बताया जा रहा है। 
 
भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सर्वे पार्टियों के नेताओं को प्रसन्न होने का मौका दे रहे हैं। भोपाल से सूत्र बताते हैं कि दोनों पार्टियां यह मानकर चल रही हैं कि उज्जैन जिले की सातों सीटें उनकी ही झोली में गिरेगी। कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के समर्थकों के अनुसार नए चेहरे भी सातों सीटों को दिलवाएंगे। वहीं भाजपा के सूत्र बताते हैं कि नए चेहरे देने पर मतदाताओं से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच तक यह संदेश जाएगा कि किसी को भी कोई भी नाराजगी नहीं हो सकती। अत: नए चेहरे ही उतारे जाएं। इधर चर्चा है कि भाजपा ने चार और कांग्रेस ने तीन पुराने प्रत्याशियों को तैयारियों की हरी झंडी दे दी है। वहीं भोपाल के सूत्रों के अनुसार दोनों पार्टियों की सूचियां चौंकाने वाली होंगी। एक सप्ताह में बहुत कुछ स्पष्ट हो जाएगा। 
 
महिला प्रत्याशियों पर चुप्पी.?
भोपाल और दिल्ली के सूत्रों के अनुसार यह बात चौंकाने वाली है कि बड़े नेता महिला आरक्षण की बात तो करते हैं लेकिन टिकट वितरण के दौरान जिले की सातों सीटों में से कितनी सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारेंगे, इस बात को लेकर चुप्पी साध जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले से संभावना है कि कांग्रेस एक महिला प्रत्याशी को टिकट दे। वहीं भाजपा से सातों पुरुष प्रत्याशी मैदान में उतरें। देखने वाली बात होगी कि महिलाओं को टिकट न देने पर संबंधित पार्टियां महिलाओं के वोटों को किस प्रकार अपने पक्ष में कैश करा पाती हैं। 
 
हिन्‍दुस्‍थान समाचार /ललित/राजू 
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