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जांच से बेनकाब होगी ड्यूटी कटवाने वालों की असलियत

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 24 2018 8:45PM
चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए ले रहे बीमारी का सहारा
हरदा, 24 अक्‍टूबर (हि.स.)। प्रदेश के सरकारी कार्यालयों स्कूलो में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी एवं शिक्षक चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी का सहारा ले लेते हैं और अपने मकसद में कामयाब भी हो जाते है। प्रत्येक चुनावों की तरह इस बार के विधान सभा चुनाव में भी अधिकांश चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी का हथकंडा अपनाने की फिराक में है। 
 
अपनी अधिकारिक पहुंच का फायदा उठाकर शिक्षक व अन्य कर्मचारी ऐसा करते है। पिछले चुनाव में जिन-जिन कर्मचारियों ने एडी चोटी का प्रयास करके चुनाव से ड्यूटी कटवायी थी उनका पिछले चुनावो का रिकार्ड देखा जाये तो प्रत्येक चुनाव में बीमारी की आड में चुनाव कार्य से बच निकलने की कोशिश करते है। नाम ना बताने की शर्त पर एक व्‍यक्ति ने बताया कि कुछेक तो ऐसे है जो सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंचे है उनकी एक भी बार ड्यूटी नहीं लगी। यदि लगी भी तो बीमारी की आड़ में बचने में कामयाबी हासिल कर लिये है। 
 
भिण्ड जिले की तरह सख्त कार्यवाही की जरूरत
अभी हाल में भिण्ड जिले में बीमारी का बहाना बनाकर चुनाव ड्यूटी से बचने की कोशिश करने वाले दो कर्मचारियो जिसमे एक शिक्षक व एक अन्य कर्मचारी को 20 वर्ष की सेवा एवं 50 वर्ष की उम्र नियम के तहत अनिवार्य रूप से बर्खास्त कर दिया गया। पूरे प्रदेश में इस तरह की कार्यवाही करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 
सूत्रों के मुताबिक करीब आधा सैकडा से अधिक अधिकारी कर्मचारी शिक्षक है जो प्रत्येक चुनाव में ड्यूटी से बचने की कोशिश करते आ रहे है। पिछले चुनावों की ड्यूटी कटवाने वालों की रिपोर्ट देखा जाये तो ऐसे कौन-कौन से कर्मचारी है उनका नाम पता चल सकता है। चुनाव कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारी जान बूझकर ऐसे मामले को गोपनीय रखते है, ताकि असलियत सामने न आ सके। बताया जाता है कि चुनाव ड्यूटी कटवाने वाले ठेका लेते है और वे अपनी पकड का भरपूर फायदा उठाते हुये एडी चोटी का प्रयास करके चुनाव ड्यूटी से बचा लेते हैं। यह सिलसिला वर्षो से प्रदेश में चल रहा है। इस तरफ कोई ध्यान नही देता जिसके कारण यह मामला उजागर नही हो पाया है। 
 
जिला निर्वाचन अधिकारी एस विश्वनाथन से यह अपेक्षा जाहिर की गयी है कि ऐसे कर्मचारियों से सावधान रहते हुये चुनाव कार्य से बचने के मंशूबे पर पानी फेरने के लिए सख्त रवैया अपनाये ताकि विधान सभा चुनाव 2018 बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। विशेष सावधानी नहीं बरती गयी तो पूर्व के चुनावों की तरह इस बार भी कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव की जिम्मेदारी से बच निकलने की कोशिश करने में कामयाब हो जायेगे। 
 
चुनाव ड्यूटी अनिवार्य सेवा- 
मध्य प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित नियम के अनुसार चुनाव ड्यूटी अनिवार्य सेवा की श्रेणी में आता है। जो प्रत्येक सरकारी अधिकारी कर्मचारी के लिए अनिवार्य है। बावजूद इसके जिम्मेदारी से बचने के लिए तरह-तरह का बहाना बनाकर असहयोग करने की कोशिश करते है। जो अत्यंत चिंताजनक एवं विचारणीय है। 
जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ ध्यान नही देते है जिसका फायदा कुछेक अधिकारी कर्मचारी हर बार के चुनाव में उठा रहे हैं। उनका नाम पता करने की कोशिश नहीं की जाती है जिसके कारण ऐसे लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों का चेहरा बेनकाब नही हो पा रहा है। 
 
हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रमोद/राजू 
 
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