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अरुण यादव और साले संजय के जरिए कांग्रेस की शिवराज को घेरने की तैयारी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 9 2018 9:49AM
अरुण यादव और साले संजय के जरिए कांग्रेस की शिवराज को घेरने की तैयारी
इंदौर, 09 नवम्बर (हि.स.)। कांग्रेस ने इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में एक अलग रणनीति बनाई है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की छठवीं और आखिरी सूची में मध्यप्रदेश से कांग्रेस सांसद रहे, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस काल में सहकारी आंदोलन के शीर्ष नेता रहे सुभाष यादव के बेटे अरुण यादव को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ बुधनी विस सीट से खड़ा किया है। अरुण यादव किसी भी हालत में एक कमजोर उम्मीदवार नहीं है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने शिवराज सिंह के साले संजय मसानी को वारासिवनी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बनाकर ''जीजा शिवराज'' के लिए और मुसीबत खड़ी कर दी है। साल 2003 से प्रदेश में लगातार जीत हासिल कर सरकार बनाती आ रही बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस इस बार रणनीतिक पैंतरे अपना रही है। अरुण यादव को बुधनी विस सीट से शिवराज के खिलाफ खड़ा करना भी इसी का एक हिस्सा है। अरुण यादव के पिता सुभाष यादव दिग्विजय सिंह सरकार में उप-मुख्यमंत्री रहे हैं। शिवराज और अरुण यादव दोनों ही पिछड़ा वर्ग से आते हैं, जो बुधनी विस सीट का बाहुल्य मतदाता है। अरुण यादव पिछली मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान अरुण यादव कार्यकर्ताओं और लोगों से जीवंत संपर्क के लिए जाने जाते रहे। ऐसे में शिवराज सिंह के सामने जीतने के नहीं, लेकिन भारी अंतर से जीतने की चुनौती जरूर होगी। इसी तरह कांग्रेस ने शिवराज सिंह के साले संजय मसानी को बालाघाट की वारासिवनी विस सीट से अपना उम्मीदवार बनाकर मुख्यमंत्री और बीजेपी के लिए एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। संजय मसानी अपने ही जीजा शिवराज सिंह के खिलाफ मुखर हैं। बरसों से बीजेपी में जगह पाने के लिए संघर्ष कर रहे संजय मसानी के आक्रोश को कांग्रेस ने पहचाना और ऐन चुनाव के वक्त हवा दे दी। परिणाम यह हुआ कि संजय मसानी अपने ही जीजा शिवराज सिंह के खिलाफ बोलने के लिए खड़े हो गए। संजय मसानी बरसों से वारासिवनी सीट पर काम कर रहे हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वो वारासिवनी विस सीट के 150 गांवों के नाम मीडिया को बिना रूके बता रहे हैं। यदि संजय मसानी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने में सफल हुए और शिवराज सिंह फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तो विधानसभा में दृश्य रोचक होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/निमिष/राधा रमण
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