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(चुनाव विशेष) टिकट मिलने के बाद साथी दावेदार हुए नाराज

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 6:31PM
(चुनाव विशेष) टिकट मिलने के बाद साथी दावेदार हुए नाराज
निमिष, इंदौर। 05 नवम्बर (हि.स.)। कांग्रेस और बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची आने के बाद से अब मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के रण में नया खेल शुरू हुआ है। मालवा-निमाड़ अंचल में जिन लोगों को टिकट मिल गया, वे अब अपने साथी दावेदारों को मनाने की कोशिश में लगे हैं। क्योंकि कांग्रेस, भाजपा दोनों ही के उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा खतरा नाराज साथी दावेदारों के भीतरघात से हैं। इंदौर शहर की विधानसभा क्रमांक-03 इसका उदाहरण है। यहां से बीजेपी के उम्मीदवार को लेकर तो अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। वहीं कांग्रेस ने भी बड़ी जद्दोजहद के बाद तीन बार के विधायक अश्विन जोशी को टिकट दिया। अश्विन जोशी के अलावा कांग्रेस के ही युवा नेता पिंटू जोशी इस सीट के लिए अपनी दावेदारी जता रहे थे। पिंटू जोशी कांग्रेस सरकार के समय दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए शेडो-सीएम कहे जाने वाले महेश जोशी के बेटे हैं, वहीं अश्विन जोशी महेश जोशी के भतीजे है। इन दोनों चचेरे भाईयों की लड़ाई में फिलहाल जीत अश्विन जोशी की हुई और पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। लेकिन इससे नाराज पिंटू जोशी ने अपने समर्थकों को पार्टी का प्रचार करने को तो कहा, लेकिन खुले तौर पर अपने चचेरे भाई के साथ वे फिलहाल खड़े नहीं दिख रहे। यहीं हाल इंदौर से सटी राऊ विधानसभा सीट का है। राऊ विधानसभा से फिलहाल कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और राहुल गांधी की टीम के सदस्य जीतू पटवारी विधायक हैं। पटवारी हाल ही में ‘पार्टी गई तेल लेने’ वाले अपने बयान के चलते विवादों में आ गए थे। बावजूद इसके पार्टी ने जीतू पटवारी पर विश्वास जताया और उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। लेकिन जीतू पटवारी के सामने फिलहाल राऊ विस सीट के दूसरे साथी उम्मीदवारों को साथ लेने का बड़ा काम है। जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव का नाम भी है। इसी तरह विजयपुर विस सीट से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत, जो सिंधिया गुट के माने जाते हैं, सबलगढ़ विस सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन पार्टी आलाकमान ने उनकी बात नहीं मानी, और उन्हें अपनी विजयपुर सीट से उम्मीदवार बनाया। इसी प्रकार राजनगर विस सीट से पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी अपने बेटे नितीन को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने तीन बार से विधायक विक्रम सिंह विधायक हैं। ऐसे में पार्टी ने चतुर्वेदी को निराश किया और अपने विधायक पर भरोसा जताया। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए शनिवार को 155 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इसमें 63 नए चेहरों को मौका दिया है। कांग्रेस ने 46 विधायकों को मौका दिया। तीन विधायकों के टिकट काटे गए। 22 महिलाओं को भी इस सूची में स्थान दिया गया। वहीं 24 युवाओं को टिकट मिला है। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवम्बर को मतदान होना है। जिसके लिए सभी राजनैतिक दल मैदान में हैं। वैसे मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच है। हिन्दुस्थान समाचार/निमिष/बच्चन
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