Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, नवम्बर 20, 2018 | समय 03:18 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

टिकट न मिलने पर भाजपा में बगावत, पार्टी नेतृत्व सकते में

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 5 2018 9:43AM
टिकट न मिलने पर भाजपा में बगावत, पार्टी नेतृत्व सकते में
भोपाल, 05 नवम्बर (हि.स.)। विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद असंतुष्ट नेताओ ने पार्टी से बगावत करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में कहीं नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, तो कहीं पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर मैदान में उतर रहे हैं। कई विधायक अपना टिकट काटे जाने पर नाराज हैं तो कई टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ रहे हैं। व्यापक पैमाने पर नजर आ रही इस बगावत से पार्टी नेतृत्व भी सकते में है। पार्टी इसके लिए डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। बागी नेताओं को पार्टी कितना मना पाती है, यह तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा, लेकिन इतना तय है, अनुशासित माने जाने वाली पार्टी में ये बगावती सुर अच्छे नहीं कहे जा सकते हैं। पार्टी के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री सरताज सिंह व पूर्व सीएम बाबूलाल गौर पार्टी से नाराज है। दोनों का नाम पहली सूची में नहीं है। सरताज सिंह सिवनी मालवा व बाबूलाल गौर राजधानी की गोविंदपुरा सीट से विधायक हैं। दोनों सीटें होल्ड पर रखी गई हैं। सरताज सिंह को मनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत प्रदेश नेतृत्व भी प्रयास कर रहा है। यहां बता दें कि सरताज सिंह और बाबू लाल गौर को उम्र का हवाला देते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया गया था। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने सरताज सिंह को होशंगाबाद सीट से लड़ने का न्यौता दिया है। हालांकि इस पर सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया है। सूत्रों की मानें तो अगर सिंह को टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय भी मैदान में उतर सकते हैं। वहीं, बाबूलाल गौर भी पार्टी से नाराज है। वे गोविंदपुरा से अपने या अपनी पुत्रवधू कृष्णा गौर के लिए टिकट चाहते हैं। इन नेताओं ने की बगावत बैतूल-राज्य महिला आयोग की सदस्य गंगा उईके घोड़ाडोंगरी से टिकट चाहती थीं, लेकिन न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय लड़ने का फैसला किया। उईके के पति सज्जन सिंह 2003 से 2008 तक विधायक रहे। उनका कहना है कि सीएम ने उन्हें टिकट का आश्वासन दिया था। कटनी-मुड़वारा सीट से पूर्व मंत्री अलका जैन टिकट चाहती थीं। लेकिन उन्हें पार्टी ने ठेंगा दिखा दिया। सूत्रों की मानें तो वे कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। जैन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के संपर्क में हैं। कांग्रेस ने इस सीट को होल्ड पर रखा है। छतरपुर-भाजपा ने विधायक मानवेंद्र सिंह को रिपीट किया है। लेकिन उनका क्षेत्र में भारी विरोध हो रहा है। सैंकड़ों कार्यकर्ता व नेता विरोध स्वरुप पार्टी छोड़ सकते हैं। इस बारे में एक बैठक भी हुई थी। स्थानीय नेता प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर सैंकड़ों कार्यकर्ता और नेता सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। बागली-भाजपा ने वर्तमान विधायक चंपालाल देवड़ा का टिकट काटकर पहाड़ सिंह को दे दिया। चंपालाल ने इसके विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। वे अपने टिकट काटने की वजह जानना चाहते हैं। देवड़ा पिछल चुनाव 25000 मतों से जीते थे। सीहोर- जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा नेत्री उर्मिला मरेठा टिकट चाहती थीं। पार्टी ने यहां पर विधायक रंजीत सिंह का टिकट काटकर पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह को थमा दिया। अब मरेठा निर्दलीय मैदान में उतर रही हैं। अशोकनगर-टिकट न मिलने पर नाराज पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मलकीत सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमरजीत कौर ने भी पार्टी छोड़ दी। मलकीत सिंह मुंगावली से टिकट चाहते थे। हिन्दुस्थान समाचार /संजीव/प्रतीक
image