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पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी क्रमांक एक को दिया प्रशिक्षण

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 4 2018 4:50PM
पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी क्रमांक एक को दिया प्रशिक्षण
बड़वानी, 04 नवम्बर (हि.स.)। विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर जिले के विधानसभा के मतदान केन्द्रों में लगने वाले पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी क्रमांक 1 का प्रशिक्षण रविवार से शुरू हुआ। पहले दिन रविवार को इस प्रशिक्षण में सेंधवा एवं राजपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केन्द्रों में लगने वाले 780 पीठासीन अधिकारियों एवं 750 मतदान अधिकारी क्रमांक 1 को प्रशिक्षित किया गया। वहीं, दूसरे दिन सोमवार को होने वाले प्रशिक्षण में विधानसभा बड़वानी एवं पानसेमल में लगने वाले 805 पीठासीन अधिकारियों एवं 834 मतदान अधिकारी क्रमांक 1 को प्रशिक्षित किया जायेगा। जिला मुख्यालय स्थित शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के 23 कक्षों एवं विशाल हाल में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित 1530 कर्मियों को निर्देश देते हुए कलेक्टर अमित तोमर ने कहा कि पीठासीन अधिकारी, पीठासीन डायरी का अनिवार्य से अध्ययन करें, जिससे उनके क्या कार्य व कर्तव्य है, उसके बारे में उन्हें संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की शंका या जिज्ञासा होने पर उसका तुरंत निराकरण मास्टर ट्रेनर्स से कराएं, जिससे मतदान केन्द्र में उन्हें किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। प्रशिक्षण में आए समस्त कर्मियों को कलेक्टर ने बताया कि वे अपने मताधिकार का उपयोग अनिवार्य रूप से करें, इसके लिए वे डाक मतपत्र हेतु फार्म 12 (क) अनिवार्य रूप से भरें। इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण देते हुए सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया व ईवीएम, वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाई। प्रशिक्षण के दौरान डाक मतपत्र तथा इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट की उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई। पीठासीन अधिकारी केन्द्र प्रभारी के साथ निर्वाचन संचालन दल का होता है मुखिया मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सबसे अहम हैं। वह मतदान केन्द्र का प्रभारी होगा। अभ्याक्षेपित मतदाता, निविदत मतदाता, प्राक्सी मतदाता, दिव्यांग मतदाता अथवा किसी भी विषम परिस्थिति में कार्यवाही पर उसको निर्णय लेना होगा। पीठासीन अधिकारी केन्द्र प्रभारी होने के अलावा निर्वाचन संचालन दल का मुखिया भी होगा। वह मतदान सामग्री प्राप्त करने से लेकर सामग्री जमा करने के लिए उत्तरदायी होगा। सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया के त्रुटिरहित संचालन स्वतंत्र-निष्पक्ष मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी रहेगी। मतदान अधिकारी क्रमांक 1 चिन्हित प्रति का प्रभारी होगा। वह निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही निर्वाचक नामावली में चिन्हांकन करेगा। बताया गया कि मतदान अधिकारी क्रमांक 2 अमिट स्याही का प्रभारी होगा। मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाएगा। प्राक्सी वोटर के बाएं हाथ की मध्यमा में अमिट स्याही लगाएगा। मतदान अधिकारी क्रमांक 3 ईवीएम की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी होगा। वह मतदाता को मतदान कक्ष में जाने, मत अंकित करने की अनुमति देने व प्राप्त मतदान पर्ची को क्रमानुसार रखने का कार्य करेगा। बीयू, सीयू, वीवीपैट व अन्य सामग्री की दी जानकारी प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी क्रमांक 1 को मतदान केन्द्र पर मतदान के लिए प्रयुक्त की जाने वाली बेलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट, पीठासीन अधिकारी की डायरी आदि के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही अन्य विशेष सामग्रियां जैसे हरिपत्र मुद्रा, पेपर स्ट्रीप, सील, स्पेशल टैग केन्द्र की सील, अमिट स्याही, चिन्हित प्रति, पीतल की सील, पिंक पेपर सील, मॉकपोल सील, ब्रेल लिपि डमी मतपत्र, प्लास्टिक बॉक्स, मॉकपोल सील, काला लिफाफा, मतदान प्रकोष्ठ, डिजिटल शीट, 16 बिन्दु प्रपत्र की भी जानकारी प्रदान की गई। मतदान केन्द्र तैयार करने के लिए दी आवश्यक जानकारी प्रशिक्षण में मतदान दलों को मतदान केन्द्र तैयार करने के बारे में समझाया गया। मतदान केन्द्र निरीक्षण, सामग्री निरीक्षण, 100 मीटर के घेरे का निरीक्षण कर प्रचार-प्रसार संबंधित सामग्री हटाने, मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी को चिन्हित कर इसके बाहर ही राजनीतिक पार्टियों के पण्डाल होने, नोटिस बोर्ड में प्रारूप 7 निर्वाचकों की विशिष्टियों का नोटिस, मतदान संबंधी आवश्यक निर्देश, मतदान केन्द्र क्रमांक एवं नाम, मतदाता की सूची, मतदान का समय, दिनांक आदि जानकारी चस्पा करने, विभिन्न प्रपत्रों को संबंधित लिफाफों में आवश्यक जानकारी प्रविष्ट करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया। मतदान दल मतदान अधिकर्ता को मतदान आरंभ होने के समय के एक घण्टे पूर्व अनिवार्यत: मतदान केन्द्र में उपस्थित होने हेतु कहेंगे। मतदान दलों को मॉकपोल की प्रक्रिया भी समझाई गई। मतदान चालू होने पर दल द्वारा ये कार्यवाही की जायेगी मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि मतदान चालू होने पर मतदान केन्द्र पर दल द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी, मतदान अधिकारी क्रमांक 1 मतदाता का नाम जोर से बोलेगा। मतदाता की पहचान का सत्यापन आयोग द्वारा निर्धारित पहचान पत्रों से किया जाएगा। पहचान संबंधी समाधान न होने की दशा में मतदाता को पीठासीन अधिकारी के समक्ष पहुंचाया जाएगा। अन्य चरण भी समझाए गए। अमिट स्याही लगाने का तरीका बताया गया प्रशिक्षण में मतदान दल को मतदाता की तर्जनी में अमिट स्याही लगाने का तरीका बताया गया। मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी में मतदान अधिकारी क्रमांक 2 अमिट स्याही लगाएगा। यदि बांए हाथ की तर्जनी नहीं हो तो उसकी ऐसी किसी भी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी जो उसके बाए हाथ में होगी। बायां हाथ नहीं होने की स्थिति में यह प्रक्रिया दाएं हाथ में सम्पन्न की जाएगी। दोनों हाथों की उंगली न होने पर बांए हाथ के ठूंठ पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। ऐसे प्रकरण में मतदाता के साथी के हस्ताक्षर या अंगूठा मतदाता रजिस्टर के हस्ताक्षर कॉलम में अंकित किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में की जाने वाली कार्यवाही बताई प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया के दौरान विशेष परिस्थितियों जैसे अभ्याक्षेपित मत, निविदत मत, टेस्टिंग मत, प्राक्सी वोटर, दिव्यांग मतदाता, मशीन की खराबी, मतदाता की आयु कम परिलक्षित होने, अंधे एवं शिथिलांग मतदाता, मतदान केन्द्र पर बलवा, प्राकृतिक आपदा, बूथ कब्जा आदि विशेष परिस्थितियों पर की जाने वाली कार्यवाहियों का प्रशिक्षण किया गया। इसके अलावा प्रशिक्षण में मतदाता रजिस्टर, रिकार्ड किए गए मतपत्रों का लेखा, निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण पत्र, डाक मतपत्र के लिए आवेदन, पीठासीन अधिकारी के लिए सामग्री चेक मेमो, पीठासीन अधिकारी द्वारा घोषणा, दिखावटी मतदान प्रमाण पत्र, ईवीएम के लिए मॉडर्न मतदान केन्द्र का लेआउट, चौलेंज फीस की रसीद बुक आदि सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर्स ने दिया। पिंक बूथ के लिए महिला कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण पहले दिन के प्रशिक्षण में जिले में बनाये जाने वाले 18 पिंक बूथ पर लगने वाली महिला पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी क्रमांक 1 को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। इन महिला कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि उन्हें मतदान केन्द्र में किसी भी प्रकार की परेशानी आने नही दी जायेगी। आवश्यकतानुसार उन्हें ओर प्रशिक्षण दिलवाया जायेगा, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन सुगमता से कर सकें। हिन्दुस्थान समाचार/मुकेश/बच्चन
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