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पिछड़ों को साधने के फेर में सवर्णों और ब्राह्मणों को भूली भाजपा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 4 2018 4:14PM
पिछड़ों को साधने के फेर में सवर्णों और ब्राह्मणों को भूली भाजपा
भोपाल, 04 नवम्बर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जारी की गई 176 उम्मीदवारों की अपनी सूची में पिछड़ों को साधने का प्रयास किया है। इस चक्कर में पार्टी ने सवर्णों और ब्राह्मणों की उपेक्षा कर दी है। भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश के पांच जिलों-राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, गुना और शिवपुरी की कुल 19 विधानसभा सीटों पर जो उम्मीदवार घोषित किए हैं, उनमें अधिकांश सीटों पर पिछड़े वर्ग के प्रत्यासी हैं, इनमें एक भी ब्राह्मण उम्मीदवार को जगह नहीं दी गई है। भाजपा द्वारा सवर्णों की उपेक्षा करने के कारण क्षेत्र में असंतोष पनप रहा है। भाजपा द्वारा जो उम्मीदवार घोषित किए हैं, उससे पार्टी सवर्णों के निशाने पर है। बता दें कि भाजपा पर सवर्णों-ब्राह्मणों की पार्टी होने के आरोप लगते रहे हैं। कभी हर जिले में ब्राह्मणों को टिकट देने वाली भाजपा की सूची में इस बार दूर-दूर तक सवर्णों-ब्राह्मणों का नाम नहीं है। ऐसे में भाजपा को ब्राह्मण-सवर्णों की अनदेखी कहीं भारी ना पड़ जाए? सवर्णों की अनदेखी कर पिछड़ों को साधने की कवायद विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जो उम्मीदवारों की सूची जारी की है उसमें से राजगढ़ जिले की ब्यावरा सीट पर अभी उम्मीदवार घोषित नहीं हुआ है। पहले जहां राजगढ़ से हरिचरण तिवारी, रघुनंदन शर्मा विधायक रहे, वहां से इस बार अमर यादव पार्टी के उम्मीदवार हैं, नरसिंहगढ़ से दो बार विधायक रहे मोहन शर्मा के स्थान पर राज्यवर्धन सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है, खिलचीपुर विधानसभा में दिनेश पुरोहित की अनदेखी कर हजारी दांगी को टिकट दी है। राजगढ़ जिले की ब्यावरा सीट से भाजपा ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया, पर यहां पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद अशोक त्रिपाठी हैं। यानी, ब्यावरा विधानसभा ही एकमात्र ऐसी सीट है, जहां से भाजपा ब्राह्मण उम्मीदवार उतार सकती है। भाजपा द्वारा पांच जिलों की 19 सीटों में से 15 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, उन पर यदि नजर डालें तो इस चुनाव में सपाक्स के मैदान में कूदने के कारण परिस्थितियां बदली हुई है और भाजपा ने महज पिछड़ों पर ही ज्यादा भरोसा किया है। पार्टी ने इन 15 में से 9 सीटों पर पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। सवर्णों की अनदेखी कर पिछड़ों को साधने की कवायद कहीं भाजपा के लिए परेशानी का सबब न बन जाए? हिन्दुस्थान समाचार/नीलेंद्र/नेहा/बच्चन
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