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नेताओं के रिश्तेदारों पर गाज गिराने की तैयारी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 1 2018 11:57AM
नेताओं के रिश्तेदारों पर गाज गिराने की तैयारी
भोपाल,1 नवंबर(हि.स.)। आयोग के नियमानुसार फील्ड में तैनात अफसर चुनाव लड़ने वाले का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए। ऐसे अफसरों की संबंधित क्षेत्र से बाहर पदस्थापना की जानी होती है। लेकिन प्रदेशभर से चुनाव आयोग के पास पहुंचने वाली सबसे ज्यादा शिकायतें यही हैं कि फील्ड में तैनात आईएएस, आईपीएस अफसर समेत अन्य अफसर चुनाव लड़ने वाले के रिश्तेदार हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने नेताओं के इन रिश्तेदारों पर गाज गिराने की तैयारी कर ली है। दरअसल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों, विधायकों के नजदीकी रिश्तेदारों को चुनाव क्षेत्रों में ड्यूटी पर पदस्थ न किया जाए। कांग्रेस की इस मांग और लगातार आ रही शिकायतों के बाद आयोग ने कुछ अफसरों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इन पर हुई कार्रवाई नेताओं के रिश्तेदारों की तैनाती की शिकायतों के बाद सांसद भागीरथ प्रसाद की बेटी राजगढ़ एसपी सिमाला प्रसाद और विधायक ममता मीणा के पति आईपीएस रघुवीर प्रसाद मीणा को हटा दिया गया है। इसी प्रकार सतना कलेक्टर मुकेश शुक्ला को भाजपा के पक्ष में कार्य करने की शिकायत के बाद हटा दिया गया है। इन पर कार्रवाई की तैयारी आईपीएस विवेक राज सिवनी में पदस्थ हैं। यह केंद्रीय राज्यमंत्री वीरेंद्र खटीक के रिश्तेदार हैं। विवेक मूल रूप से असम कैडर के हैं। आयोग से इनकी शिकायत की गई है कि केंद्रीय मंत्री खटीक ही इन्हें मप्र में लेकर आए हैं। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के रिश्तेदार नरसिंहपुर में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन को हटाने की शिकायत भी आयोग के पास पहुंची है। कांग्रेस ने यह शिकायत करते हुए आयोग से कहा है कि राजन पिछले तीन वर्षों से नरसिंहपुर में ही पदस्थ हैं। वे भाजपा के पक्ष में कार्य करने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। महिला बाल विकास संचालनालय के सहायक संचालक आलोक श्रीवास्तव भोपाल सांसद आलोक संजर के नजदीकी रिश्तेदार हैं। इनकी शिकायत में आयोग को कहा गया है कि श्रीवास्तव रसूख का फायदा उठाते हुए कलेक्टर ऑफिस भोपाल में विधानसभा चुनाव के दौरान अटैच हो जाते हैं। वे 2008 के विस चुनावों में यहां कार्य कर चुके हैं। एक बार फिर उन्हें 2013 में भी विस चुनावों में और अब फिर से 2018 में विस चुनावों के लिए अटैच किया गया है। इस बार उन्हें कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि वे विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने वाले कर्मचारियों को तैनात कर सकें। बुधनी से सामने आया है कि भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं को धमका रहे हैं। कांग्रेस ने सीहोर एसपी राजेश चंदेल को हटाने के लिए कांग्रेस नेता अर्जुन आर्य ने चुनाव आयोग में शिकायत की है कि सीहोर एसपी जबलपुर की पूर्व महापौर और भाजपा नेत्री सुशीला सिंह के दामाद हैं। एसपी चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया की कॉपी भी आयोग को दी है। इस कॉपी में रिवॉल्वर लिए एक युवक नजर आ रहा है। इस पर लिखा है कि देखता हूं मामा को कौन वोट नहीं देता है। इसकी शिकायत पहले उन्होंने कलेक्टर से की, जिसकी सुनवाई न होने पर कांग्रेस ने आयोग से दोनों को हटाने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/राधा रमण
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