Hindusthan Samachar
Banner 2 सोमवार, नवम्बर 19, 2018 | समय 01:51 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

भोजपुर में भाजपा के स्थानीय नामों में पाठक, मंत्री पटवा बदल सकते हैं सीट

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 21 2018 4:22PM
भोजपुर में भाजपा के स्थानीय नामों में पाठक, मंत्री पटवा बदल सकते हैं सीट

उदयपुरा से पालीवाल, पटेल कांग्रेस से  भोजपुर से पचौरी, पटेल होंगे सशक्त उम्मीदवार

भोपाल, 21 अक्‍टूबर (हि.स.)। कांग्रेस भाजपा दोनों दलों में उम्मीदवारों को चयन को लेकर मंथन जारी है ।  वहीं रायसेन जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है, कांग्रेश यहां सीटों को हथियाना चाहती है ।  ऐसे में कांग्रेस की रणनीति है कि उसके उम्मीदवार न केबल स्वच्छ छवि के ही हों, बल्कि जीतने का माद्दा भी रखते हों इसी को लेकर रायसुमारी की जा रही है दूसरी और भाजपा अपनी सीटों को बरकरार रखना चाहती है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायकों के खिलाफ एंटीइंकवेंसी के कारण हारने का खतरा मडंरा रहा है । बड़ा सवाल यह है कि भाजपा कैसे अपनी सीटों को बचाकर रखेगी यह भाजपा के लिए एक चुनौती है यह तो आने बाले समय में ही पता चलेगा । 

उदयपुरा सीट पर पालीवाल सशक्त दावेदार

वर्ष 2013  के विधानसभा चुनाव में भाजपा के रामकिशन पटेल 44 हजार  से अधिक मतों से विजयी रहे थे, इस सीट पर कांग्रेस के भगवान सिंह राजपूत चुनाव हारे एक बार फिर राजपूत अपनी किस्मत आजमाने के लिए यहां से दावेदारी पेश कर रहे हैं । भगवानसिंह  राजपूत  लगातार सक्रीय हैं, लेकिन उनके भारी अंतर से हारने के कारण किसी अन्य की  उम्मीदवारी पर भी कांग्रेस आला कमान विचार कर रहा है ।  

कांग्रेस की ओर से भगवान सिंह राजपूत, पूर्व विधायक राजेश पटेल जो कि भोजपुर से विधायक रहे, पूर्व मंत्री जसवंत सिंह रघुवंशी, बंटी गिरीश पालीवाल एवं देवेंद्र पटेल के नाम चर्चा में है    । उदयपुरा में  जिस तरह का  राजनैतिक समीकरण है वहां पर 15 से 16 हजार  पुरविया समाज के वोट, 25 हजार ब्राह्मण समाज के वोट हैं रघुवंशी वोट  6 हजार एवं 8 हजार  राजपूत समाज के वोट हैं किरार समाज के सर्वाधिक 44 हजार वोटर हैं।  भाजपा के वर्तमान विधायक जो की 44  हजार मतों से चुनाव जीते हैं का टिकिट  को लेकर संशय है  जिस तरह पांच साल तक वर्तमान विधायक रामकिशन पटेल ने किरार समाज की अनदेखी की एवं विकास कार्यों की अनदेखी  के कारण मतदाताओं में खासी नाराजगी है ।   वहीं  किरार समाज चाहता है कि उनके समाज के किसी व्यक्ति को भाजपा की टिकट मिले वर्तमान विधायक के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी और क्षेत्र में विकास कार्य न कराने के आरोप लग रहे हैं ।  जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष शिवाजी  पटेल के पुत्र नरेंद्र पटेल जिनको भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अमित शाह व्यक्तिगत जानते हैं को मजबूत दावेदार माना जा रहा है इस सीट से पूर्व विधायक भगवतसिंह  भी टिकिट चाहते हैं । इधर कांग्रेस से पुरविया समाज के देवेंद्र पटेल  गडरवास भी उदयपुरा से टिकट दावेदार  हैं  और उन्हें  कांग्रेस के बड़े नेताओं का समर्थन है स्वच्छ एवं मिलनसार छवि है लेकिन अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है ।  

कांग्रेस से भोजपुर से विधायक रहे राजेश पटेल भी यहां से टिकट चाहते हैं वह भी पुरबिया समाज के हैं । पूर्व मंत्री जसवंतसिंह भी दावेदार हैं लेकिन पूर्व के विधानसभा चुनाव में बीफार्म समय पर नहीं पहुंचने के कारण न केबल कांग्रेस को नुकसान ही हुआ बल्कि जसवंतसिंह की साख भी गिरी । 

उदयपुरा सीट से कांग्रेस के दावेदारों में एक सशक्त नाम है गिरीश पालीवाल बंटी भैया का पालीवाल जिला पंचायत के सदस्य के चुनाव में सर्वाधिक 9700 मतों से विजय रहे वहीं वर्ष 2002 से अभी तक सांची दुग्ध संघ के संचालक रहते हुए उदयपुरा बरेली क्षेत्र में खासी पकड़ रखते हैं वही वर्तमान में उनकी पत्नी श्रीमती गुंजन पालीवाल नगर परिषद बरेली की अध्यक्ष हैं और यहां पर किए गए विकास कार्यों को लेकर भी मतदाताओं से सीधा जुड़ाव है  जो पालीवाल के पक्ष में जाता है लंबे समय से हाशिए पर चली आ रही कांग्रेस को ऐसे उम्मीदवारों की जरूरत है जो ना केवल क्षेत्र में पकड़ रखते हैं बल्कि जीत भी हासिल कर सकते हैं ऐसे उम्मीदवारों में बंटी पालीवाल उदयपुरा सीट से कांग्रेस की ओर से सबसे सशक्त दावेदार होंगे ।

पालीवाल एवं राजेश पटेल की जोड़ी शायद जिले में कांग्रेस के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है दोनों की स्वच्छ छवि एवं बहुत ही जुझारू और दबंग नेताओं में मानी जाती है कांग्रेस  सीट को अपनी झोली में डालने के लिए सशक्त उम्मीदवार तलाश रही है इस क्रम में गिरीश पालीवाल बंटी भैया सर्वाधिक उपयुक्त उम्मीदवार बताए जा रहे हैं । वहीं भाजपा की गुटबाजी को ठीक ढंग से भुनाने की कला  पालीवाल एवं राजेश पटेल की जोड़ी में है । शायद जिले में कांग्रेस की यह जोड़ी  एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है राजेश  पटेल एवं गिरीश पालीवाल की यह  जोड़ी स्वच्छ छवि एवं बहुत ही जुझारू और दबंग नेताओं में है ।

वहीं रायसेन जिले की भोजपुर सीट जहां से वर्तमान मंत्री सुरेंद्र पटवा विधायक हैं और उन्होंने वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को शिकस्त दी थी। एक बार फिर यहां से कांग्रेस के सुरेश पचौरी और सुरेंद्र पटवा के बीच मुकाबला हो सकता है। कांग्रेस के सुरेश पचौरी के चुनाव नहीं लड़ने पर नगर पालिका के वर्तमान अध्यक्ष बद्री चौहान एवं भोजपुर  सीट से  2003 में विधायक रहे कांग्रेस के राजेश पटेल एवं विजय धाकड़ भी  उम्मीदवार हो सकते हैं । 

वर्तमान भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा के स्थान पर स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दिए जाने हेतु भाजपा के कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं ।  वहीं भाजपा की ओर से युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कृष्णगोपाल पाठक प्रबल दावेदार हैं, जोधा सिंह अटवाल  सुरेंद्र पटवा के यहां से चुनाव नहीं लड़ने पर उम्मीदवार हो सकते हैं।  कृष्ण गोपाल पाठक  का भोजपु के मतदाताओं से सीधा जुड़ाव है खासकर भोजपुर विधानसभा के युवा मतदाताओं में उनकी अच्छी पकड़ है फेसबुक पर पाठक की उम्मीदवारी को लेकर अभियान चला रखा है । 

उल्लेखनीय है भोजपुर में युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए पाठक ने  खासी सक्रियता दिखाई थी ।  इधर भोजपुर से सुरेश पचौरी के चुनाव ना लड़ने की दशा में राजेश पटेल कांग्रेस के सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होंगे । भोजपुर में ब्राह्मण 14 हजार, आदिवासी, मुस्लिम 14 हजार एवं मीना, यादव, नागर एवं  राजपूत समाज के 5 से 8 हजार तक मतदाता हैं यहां व मतदाताओं का रुझान भाजपा के पक्ष में रहा है, लेकिन मंत्री सुरेंद्र पटवा के आसपास जो स्थानीय नेता सक्रिय हैं उनकी कारगुजारियों का खामियाजा सुरेंद्र पटवा को भुगतने को मिलेगा ।

सुल्तानपुर क्षेत्र से जुड़े भाजपा नेताओं एवं कालेज संचालक को नियमों की अनदेखी कर निजी भूमि पर विधायक निधी से डाले गये रोड एवं मंडीदीप के एक भाजपा नेता के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी भाजपा को भारी न पड़ जाये । भाजपा में  स्थानीय प्रत्याशी की मांग जोर पकड़ रही है । स्थानीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा जो पैनल भेजी है उसमें पाठक का नाम  प्रबल दावेदारों में है । 

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/नीलेंद्र/राजू  

image