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पीठासीन और मतदान अधिकारियों को बताए गए उनके दायित्‍व

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 27 2018 6:26PM
पीठासीन और मतदान अधिकारियों को बताए गए उनके दायित्‍व

उमेद

रायसेन। विधानसभा निर्वाचन 2018 के लिए जिले के पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी क्रमांक-1 का प्रथम प्रशिक्षण शनिवार से चारों विधानसभाओं के रिटर्निंग ऑफीसर मुख्यालय पर प्रारंभ हुआ। सांची विधानसभा के तहत स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय रायसेन में आयोजित प्रशिक्षण में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी एस प्रिया मिश्रा ने पीठासीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के आरंभ से लेकर समापन तक की प्रत्येक छोटी से छोटी जानकारी पीठासीन अधिकारी को होना चाहिए।

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदान से संबंधित दिशा-निर्देशों का पूर्ण ज्ञान होगा तो मतदान सुगमता पूर्वक सम्पन्न कराने में किसी तरह की कठिनाई नहीं आएगी। इसके लिए उन्होंने पीठासीन अधिकारियों से पीठासीन डायरी का अनिवार्य रूप से अध्ययन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की शंका या डाउट होने पर उसका तुरंत जवाब प्राप्त करें तथा शंका का समाधान करें।

इस दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों के साथ बैठकर प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया को देखा। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी क्रमांक-1 मतदान की प्रक्रिया समझाने के साथ ही ईव्हीएम की बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट तथा वीवीपैट मशीन को आपस में कनेक्ट करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

साथ ही पीठासीन अधिकारी की डायरी आदि का उपयोग, अन्य विशेष सामग्रियां जैसे हरिपत्र मुद्रा, पेपर स्ट्रीप, सील, स्पेशल टैग केन्द्र की सील, अमिट स्याही, चिन्हित प्रति, पीतल की सील, पिंक पेपर सील, मॉकपोल सील, ब्रेल लिपि डमी मतपत्र, प्लास्टिक बॉक्स, मॉकपोल सील, काला लिफाफा, मतदान प्रकोष्ठ, डिजिटल शीट, 16 बिन्दु प्रपत्र की भी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षाणार्थियों की शंकाओ का निदान भी मौके पर ही किया गया।

मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में बताया कि मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं। वह मतदान केन्द्र का प्रभारी होगा। अभ्याक्षेपित मतदाता, निविदत मतदाता, प्राक्सी मतदाता, दिव्यांग मतदाता अथवा किसी भी विषम परिस्थिति में कार्यवाही पर उनको निर्णय लेना होगा।

पीठासीन अधिकारी केन्द्र प्रभारी होने के अलावा निर्वाचन संचालन दल के मुखिया भी होंगे। वह मतदान सामग्री प्राप्त करने से लेकर सामग्री जमा करने के लिए उत्तरदायी होगा। सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया के त्रुटिरहित संचालन स्वतंत्र-निष्पक्ष मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी रहेगी। इसके अलावा मतदान अधिकारी क्रमांक 1 चिन्हित प्रति का प्रभारी होगा। वह निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही निर्वाचक नामावली में चिन्हांकन करेगा। बताया गया कि मतदान अधिकारी क्रमांक 2 अमिट स्याही का प्रभारी होगा।

मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाएगा। प्राक्सी वोटर के बाएं हाथ की मध्यमा में अमिट स्याही लगाएगा। मतदान अधिकारी क्रमांक 3 ईवीएम की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी होगा। वह मतदाता को मतदान कक्ष में जाने, मत अंकित करने की अनुमति देने व प्राप्त मतदान पर्ची को क्रमानुसार रखने का कार्य करेगा।

प्रशिक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमनवीर सिंह बैस, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रायसेन के प्रचार्य आनंद शर्मा भी उपस्थित थे।

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