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कमलनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूछे तीखे सवाल

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 26 2018 3:07PM
कमलनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूछे तीखे सवाल

केशव

भोपाल। विपक्षी दल कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा प्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ चलाई जा रही 40 दिन, 40 सवाल श्रृंखला चलाई जा रही है। इस श्रृंखला में कमलनाथ ने शुक्रवार को 7 वां सवाल दागा है। सातवां सवाल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर है।

कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से सवाल पूछते हुए ट्वीट किया है- -सवाल नंबर सात-'मोदी सरकार से जानिए मामा सरकार की स्कूली शिक्षा का रोंगटे खड़े कर देने वाला सच।' बच्चों के भविष्य को पहुंचाई चोट, मामा के मुखौटे में निकले कई खोट। मामा जी, बच्चों से क्यों किया विश्वासघात ? स्कूली शिक्षा को क्यों पहुंचाया गंभीर आघात ?

(1) मध्यप्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक, कुल 150762 स्कूलों में से 1 लाख़ 6 हज़ार से अधिक, अर्थात 71% स्कूलों में बिजली पहुंची ही नहीं है।

(2) मध्यप्रदेश के नौनिहालों की आधुनिक शिक्षा का हाल यह है कि मात्र 15. 7 % स्कूलों में कंप्यूटर एजुकेशन की व्यवस्था है। अर्थात राज्य के 1.22 लाख़ स्कूलों में आज भी कम्प्यूटर शिक्षा नहीं है।

(3) मध्यप्रदेश के सिर्फ़ 15.6 % माध्यमिक स्कूलों में और मात्र 19% उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में लाइब्रेरी की व्यवस्था है । सरकारी स्कूलों में तो यह नगण्य है।

(4) केंद्र की डाईस-2017 रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में 19 हज़ार स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चलते हैं ।

(5) 14.6 हज़ार स्कूलों में बारिश के दिनों में पहुँच का रास्ता ही नहीं रहता,यानी इन स्कूलों में बच्चे पढ़ने ही नहीं जा पाते।

(6)राज्य में 46.6हजार स्कूलों में अब भी नहीं बन पाया बच्चों के लिए खेल मैदान। प्रदेश के 93 हजार से अधिक स्कूलों में आज भी दिव्यांग बच्चों के लिए नहीं बन पाया है रैंप।

(7) आज भी मप्र के 4451 स्कूलों में सिर्फ़ एक ही कमरा है। यानी चार से आठ वर्ग के बच्चे एक ही रूम में पढ़ते हैं।

(8)कक्षा 1 से 5 तक की स्कूली शिक्षा के दौरान ही एक साल मे 3.57लाख बच्चों को शिक्षा छोड़ देनी पड़ती है। कक्षा 6 से 8 तक की स्कूली शिक्षा के दौरान ही 1 साल में 3.42 लाख बच्चों को पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है|

(9) कुल मिलाकर कक्षा 1 से 8 तक 1 साल में 7.17 लाख बच्चों को पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है।

(10) कंट्रोलर ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट बताती है कि 2010 से 2016 तक माध्यमिक शिक्षा अर्थात आठवीं तक के 42 लाख़ 46 हज़ार बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया।

(11) सर्व शिक्षा अभियान के तहत 1 से 8 वीं तक मुफ़्त किताबें बांटे जाने का प्रावधान है। कैग ने अपनी 2017 की रिपोर्ट में बताया कि 2010 से 2016 तक 42 लाख़ 88 हज़ार किताबें बांटी ही नहीं गईं।

( 12) कैग की 2017 की रिपोर्ट बताती है कि मध्यप्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 63 हज़ार 851 शिक्षकों की कमी है।

(13)सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक़ सरकार ने स्कूल शिक्षा के लिए आवंटित कुल बजट में से 2011-2016 के बीच 7284.61 करोड़ रुपये (आवंटन का 31 प्रतिशत) जारी ही नहीं किये। सरकार बच्चों के शिक्षा के अधिकार के हनन में सबसे बड़ी अपराधी रही।

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