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आपराधिक प्रकरणों के संबंध में प्रत्याशियों को देना होगा शपथ पत्र

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 15 2018 8:22PM
आपराधिक प्रकरणों के संबंध में प्रत्याशियों को देना होगा शपथ पत्र

मीडिया में तीन बार कराना होगा प्रकाशित-प्रसारित

भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को नामांकन के समय अपने आपराधिक प्रकरणों के संबंध में एक शपथ-पत्र देना होगा। इस शपथ-पत्र को पूर्ण रूप से भरकर नामांकन के साथ जमा कराना होगा और इस शपथ-पत्र को तीन बार प्रिंट मीडिया और तीन बार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी करना होगा। इस शपथ पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि उनके विरूद्ध कोई आपराधिक प्रकरण लंबित है और यदि किसी प्रकरण में सजा मिल चुकी है। यह जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांता राव ने सोमवार को मीडिया को दी।

भोपाल के निर्वाचन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को एक शपथ पत्र दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अपने खिलाफ जितने भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं, उनकी जानकारी भरकर नामांकन के साथ जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि अगर शपथ पत्र अधूरा रहा, तो वह निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उम्मीदवार को शपथ पत्र का तीन बार प्रिंट मीडिया में प्रकाशन और इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित करना भी अनिवार्य है, ऐसा नहीं करने पर भी नामांकन निरस्त होगा। लेकिन अगर वह नामांकन में गलत जानकारी देता है या वह सही जानकारी देता है, जिससे उसका क्रिमिनल होना साबित होता है, तो चुनाव आयोग उसका नामांकन निरस्त नहीं कर सकता। इसके लिए कोई व्यक्ति बाद में आपत्ति दर्ज कराता है, तो उसके लिए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कांताराव ने पत्रकारों को बताया कि फोटो युक्त मतदाता पर्ची का काम मतदान की तारीख से पांच दिन पहले पूर्ण हो जाएगा। मध्यप्रदेश में 28 नवम्बर को मतदान होना है, इसलिए मतदाता पर्ची के वितरण का काम 18 नवम्बर को शुरू होगा और 23 नवम्बर तक सभी मतदाताओं को यह पर्ची प्राप्त हो जाएगी। इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी पूरा शेड्यूल बनाकर मतदाता सूची का बीएलओ के माध्यम से वितरण करायेंगे। मतदाता सूची वितरण की एक सूची तैयार की जाएगी, जिसमें अनुपस्थित मिलने वाले मतदाताओं के भी नाम दर्ज होंगे। पर्ची वितरण के समय बीएलओ मतदाता पर्ची की मतदाताओं से पावती प्राप्त करेगा। ऐसे मतदाता जिनको मतदाता पर्ची का वितरण नहीं हो पाया उनकी सूची पीठासीन अधिकारी अपने पास रखेगा। फोटो मतदाता पर्ची किसी अनाधिकृत व्यक्ति के पास पाये जाने या वितरण किये जाने पर लोक प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 तथा भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार उल्लघंन माना जायेगा और ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही होगी। कान्ता राव ने बताया एमसीएमसी को विज्ञापन के प्रमाणन के लिये प्राप्त आवेदनों में से 25 को अनुमति प्रदान की गई है और 10 आवेदनों के संबंध में संबंधित राजनैतिक दलों को पत्र प्रेषित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस बार मतदाता सूची के प्रारूम में भी परिवर्तन किया गया है। पहले एक ए-4 साइज के पेज पर नौ पर्चियां बनाई जाती थीं, जिनमें केवल एक तरफ मतदाता की जानकारी होती थी, लेकिन इस बार ए-4 पेज पर केवल दो पर्चियां निकाली जाएंगी और उसमें दोनों तरफ मतदाता की पूरी जानकारी होगी।

आज से सीमाओं पर तैनात हुई केंद्रीय फोर्स

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में लॉ एंड आर्डर के लिए नोडल अधिकारी बनाये गए योगेश चौधरी भी पत्रकार वार्ता में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी थानों की निगरानी की जा रही है और जितने भी प्रकरण दर्ज हो रहे हैं, उसकी प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। केंद्र ने प्रदेश की सीमाओं के लिए केंद्रीय फोर्स की अनुमति दे दी है। केंद्र सरकार ने 45 कंपनियों को प्रदेश की सीमाओं पर तैनाती के लिए भेजा है और सोमवार से सभी फोर्स सीमाओं पर तैनात हो गई हैं। वहीं, उन्होंने लाइसेंस वाले शस्त्र जमा होने की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 2 लाख 67 हजार लाइसेंस शस्त्र हैं, जिनमें से सोमवार तक आधे शस्त्र विभिन्न थानों में जमा हो चुके हैं। अब तक करीब 1.35 हजार शस्त्र जमा होने का डाटा उन्हें मिला है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश

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