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केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई : कलेक्‍टर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 13 2018 6:30PM
केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई : कलेक्‍टर

अशोकनगर, 13 अक्‍टूबर (हि.स.) । संयुक्‍त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेन्‍द्र गोयल की अध्‍यक्षता में शनिवार को जिले के केबल ऑपरेटरों की बैठक जिला निर्वाचन कार्यालय में संपन्‍न हुई। बैठक में सहायक संचालक जनसम्पर्क एवं एम.सी.एम.सी के सदस्य सचिव एस.एम.सिद्दीकी सहित अशोनगर, चंदेरी, मुंगावली, ईसागढ़, शाढौरा क्षेत्र के केबल ऑपरेटर्स उपस्थित थे। 

बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी गोयल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दल तथा निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी जो टेलीविजन चैनल और या केबल नेटवर्क पर विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव करता है, उसे ऐसे विज्ञापन के प्रसारण की प्रारंभ की प्रस्तावित तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व व किसी अन्य व्यक्ति या अरजिस्ट्रीकृत राजनीतिक दलों के मामले में उन्हें प्रसारण की तारीख से कम से कम सात दिन पूर्व आवेदन मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मानीटरिंग समिति के समक्ष करना होगा। ऐसे आवेदन के साथ, प्रस्तावित विज्ञापन की इलेक्ट्रोनिक फार्म में दो प्रतियों के साथ उसके विधिवत रूप से अनुप्रमाणित प्रतिलेखन संलग्न किया जाएगा। 

गोयल ने बताया कि प्रमाणन के लिए आवेदन में विज्ञापन बनाने की लागत, विज्ञापनों के अन्तर्वेशनों की संख्या के अंतराल और ऐसे प्रत्येक अन्तर्वेशन के लिए प्रभारित की जाने वाली प्रस्तावित दरों के साथ किसी टेलीविजन, चैनल या केबल नेटवर्क पर ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रसारण की अनुमानित लागत, इसके साथ यह कथन भी संलग्न होगा कि शामिल किया गया। विज्ञापन अभ्यर्थी (अभ्यर्थियों) या दलों के निर्वाचन की संभावनाओं को लाभ पहुंचाने के लिए है, यदि विज्ञापन किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जारी किया जाता है, तो उस व्यक्ति को यह शपथ लेनी होगी कि वह किसी राजनीतिक दल या किसी अभ्यर्थी के लाभ के लिए नहीं है। इसके अलावा यह कि उक्त विज्ञापन किसी राजनीतिक दल या किसी अभ्यर्थी द्वारा आयोजित या अधिकृत या खरीदा गया नहीं है इत्यादि विवरण शामिल करना होगा। यह कथन भी शामिल करना होगा कि सभी भुगतान चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किए जाएंगे। कलेक्टर ने केबल आपरेटरों को निर्देशित किया है कि वे अधिनियम का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें। उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्‍होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम भी नहीं दिखाए जा सकते हैं, जिससे हिंसा को प्रोत्साहन मिलने या भड़कने की संभावना है या जिसमें कोई बात विधि व्यवस्था को बनाए रखने के विरूद्ध अन्तर्विष्ट है, या जो राष्ट्र विरोधी रूख को संप्रवर्तित करती हो। ऐसा कार्यक्रम भी नहीं दिखाया जा सकता है, जिसमें कोई ऐसी बात अन्तर्विष्ट है, जो न्यायालयीन अबमानना की कोटि में आती है या जिसमें राष्ट्र की अखण्डता को प्रभावित करने वाली कोई बात अन्तर्विष्ट है। किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से या कतिपय समूहों, देश के सामाजिक, सार्वजनिक और नैतिक जीवन के खण्डों की आलोचना, निंदा या अपमान करने वाला कार्यक्रम भी नहीं दिखाया जा सकता है। 

गोयल ने बताया कि ऐसा कार्यक्रम जो अंधविश्वास या विवेक शून्य विश्वास को प्रोत्साहित करने वाला, किसी नारी की आकृति, उसके रूप या शरीर या उसके किसी भाग को किसी रीति से इस प्रकार चित्रण करके बदनाम करता है, जिसका अश्लील या नारी का अनादर सूचक प्रभाव है या जिससे सार्वजनिक सदाचार या नैतिक को विकृत भ्रष्ट होने की क्षति पहुंचने की संभावना है, दिखाना वर्जित है। इसी प्रकार बच्चों को बदनाम करने वाले तथा ऐसे दृश्य या शब्द अन्तर्विष्ट है, जो कतिपय जातीय, भाषाई और क्षेत्रीय समूहों के चित्रांकन में अपमानजनक, व्यंग्यात्मक और दंभभरा रूख प्रतिविम्वित करते हैं, दिखाना प्रतिबंधित है। चलचित्र अधिनियम 1952 के उपबंधों का उल्लंघन करने की भी अधिनियम में मनाही है। 

उन्‍होंने बताया कि केबल टेलीविजन (विनियमन) अधिनियम 1995 की धारा 6 में यह उपबंधित है कि कोई भी व्यक्ति केबल सेवा द्वारा किसी विज्ञापन का प्रसारण या नहीं करेगा। जब तक कि ऐसे विज्ञापन विहित विज्ञापन संहिता के अनुरूप न हो तथा कोई भी केबल ऑपरेटर या दूरदर्शन चैनल किसी ऐसे विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा, जो देश की विधि के अनुरूप न हो एवं जो नैतिकता, मर्यादा एवं भावनाओं या विचारों को ठेस पहुंचाता हो अथवा जो घृणित, भडकाऊ एवं दहलाने वाला है। 

हिन्‍दुस्‍थान समाचार / उमेद 

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