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राजधानी एक्सप्रेस का विषाक्त भोजन खाने से दो दर्जन यात्री बीमार, बोकारो में चला इलाज, तिलचट्टा मिला भोजन में

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 7 2019 12:46PM
राजधानी एक्सप्रेस का विषाक्त भोजन खाने से दो दर्जन यात्री बीमार, बोकारो में चला इलाज, तिलचट्टा मिला भोजन में

दीपक

बोकारो, 07 अप्रैल (हि.स.)। रेलवे में घटिया भोजन की आपूर्ति का मामला एक बार फिर सामने आया है। नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22824) में विषाक्त भोजन की आपूर्ति की गयी, जिसे खाने के बाद लगभग दो दर्जन यात्री बीमार पड़ गए। उन्हें अचानक जोरों का पेटदर्द होने लगा और लगातार उल्टियां शुरू हो गयीं।

रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेन की कैटरिंग एजेंसी के लोगों ने शनिवार की रात में यात्रियों को टूंडला में खाना सप्लाई किया, जिनमें चावल, दाल, रोटी, चिकन आदि शामिल थे। इसके बाद सुबह में नाश्ता दिया गया । इसे खाने के कुछ देर बाद ही लोग बीमार पड़ गए, जिनमें बच्चों में सबसे ज्यादा शिकायतें पाई गईं। र

विवार की सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर यात्रियों का विधिवत इलाज शुरू हो सका। ट्रेन के भीतर ही उन्हें चिकित्सा सेवाएं दी गयीं। बोकारो से एक मेडिकल टीम भी यात्रियों के साथ लग गई। सुबह 9.43 पर ट्रेन यहां से रवाना हो सकी। आधा घंटा से अधिक की इस अवधि में स्टेशन पर भारी अफरा-तफरी और गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। उनके साथ ही रेलवे की चिकित्सा टीम इलाज करते हुए प्रस्थान कर गई। 

यात्रियों में बी-1 कोच नंबर से प्रतिज्ञा प्रत्यूष, बी-3 की स्मिता रावत राय, प्रेमा देवी, उमा शंकर साहू, अंशुमन राज और सोनाक्षी, बी-4 से ऋषि, बी-5 से पीके मंगराज एवं एक अन्य यात्री, बी7 से गिरीश एवं एक अन्य अज्ञात यात्री, बी-8 से रविंद्र यादव, एम पाढ़ी, अनुराग, बी-9 के हरिशंकर, बी-10 में आलम, हरजीत कौर, एके पूर्ति, प्रत्यूष कुमार के नाम शामिल हैं।

रेलवे सूत्रों ने की है। खाना खाते ही होने लगी उल्टियां एक यात्री ने कहा कि रात में भी जो खाना दिया गया था, वह अत्यंत घटिया क्वालिटी का था, जिसके खाने के बाद से लगातार उल्टियां होने लगी। जो खाना दिया गया, उस पर न तो उसके निर्माण की तिथि और न ही एक्सपायरी डेट लिखा हुआ था। एक यात्री ने ट्रेन में घटिया खाना की आपूर्ति के अलावा टॉयलेट में गंदगी पानी नहीं होने सहित कई और सुविधाओं की शिकायत की। बी-5 में यात्रा कर रहे एक यात्री ने खाने में तिलचट्टा मिलने की शिकायत की। पैंट्री वालों को दिखाने के बाद उनका खाना बदलकर दूसरा दिया गया। एक गर्भवती महिला ने बताया कि खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें उल्टियां होने लगी।

मौके पर पहुंचे रेलवे के अधिकारियों ने मामले की जांच किए जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया, लेकिन इतना तो जरूर है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद रेलवे खाना की गुणवत्ता में सुधार अब तक सुनिश्चित नहीं कर सका है, जिसका खामियाजा यात्रियों को लगातार भुगतना पड़ रहा है।

आरके एसोसिएट्स की थी पैन्ट्री

सूत्रों के अनुसार जिस ट्रेन में विषाक्त भोजन दिया गया, उसमें आरके एसोसिएट्स द्वारा पैंट्री कार चलाई जा रही थी और उसी की ओर से की खाना आपूर्ति की गई थी। पैंट्री कार मैनेजर के रूप में अमरेंद्र और टीएस के रूप में आरके प्रसाद ड्यूटी में थे। बोकारो में डॉक्टर जीएस कुजूर, डॉ. अनीता मुर्मू ने यात्रियों का इलाज किया। यात्रियों के साथ डॉ. जीएस कुजूर एवं हेल्थ इंस्पेक्टर सीएस गुप्ता ट्रेन के साथ यात्रियों का इलाज करते हुए बोकारो से रवाना हुए।

हिन्दुस्थान समाचार

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