Hindusthan Samachar
Banner 2 गुरुवार, अप्रैल 25, 2019 | समय 07:45 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर राजनीतिक दलों को कई दिशा निर्देश

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 12 2019 9:05PM
सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर राजनीतिक दलों  को कई दिशा निर्देश
रांची, 12 अप्रैल (हि.स .) झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने कहा है कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के निर्वाचन अभियान में सोशल मीडिया के इस्तेमाल और विनियमन को लेकर चुनाव आयोग की ओर से कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। खियांग्ते शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत विकिपीडिया, ट्विटर, यू ट्यूब, फेसबुक और वर्चुअल गेम्स यथा एप्स पर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों द्वारा संसदीय चुनाव के सिलसिले में किए गए प्रचार पर खर्च को निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। इसमें विज्ञापन को प्रचारित करने के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किया गया भुगतान, प्रचार संबंधी प्रचालनात्मक व्यय, प्रत्याशियो और राजनीतिक दलों द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतन औऱ मजूदरी पर व्यय आदि को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल, फेक न्यूज औऱ राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च को नियंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों के लिए वोलेंटियरी कोड ऑफ एथिक्स प्रभावी है। खियांग्ते ने बताया कि निर्वाचन प्रचार से संबंधित विविध उपबंध सोशल मीडिया पर भी उसी तरह लागू होते हैं जैसे वे किसी अन्य मीडिया का इस्तेमाल करके किए जाने वाले निर्वाचन प्रचार के किसी अन्य रुप पर लागू होते हैं। प्रत्याशी द्वारा उनके ई-मेल आईडी और सोशल मीडिया खाता के बारे में सूचित किया जाना है। राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य खियांग्ते ने बताया कि सोशल मीडिया वेबसाइटें परिभाषा की लिहाज से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की श्रेणी में आते है। ऐसे में राजनीतिक दलों/ प्रत्याशियों द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट आधारित कोई भी मीडिया / वेबसाइटों के लिए कोई भी राजनीतिक विज्ञापन उसी फॉर्मेट और उन्हीं प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए सक्षम पदाधिकारियों से पूर्व प्रमाणन कराए बिना रिलीज नहीं किए जाएंगे। गौरतलब है कि कि चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय दल/ प्रत्याशी को टेलीविजन चैनलों औऱ केबुल नेटवर्कों के सभी राजनीतिक विज्ञापनों को प्रकाशन से पहले पूर्व-प्रमाणन के लिए राज्य और जिला स्तर पर गठित मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समितियों के समक्ष आवेदन करना होता है। ये उपबंध सोशल मीडिया वेबसाइटों पर लागू होंगे और पूर्व-प्रमाणन की परिधि में आएंगे। सोशल मीडिया पर भी आदर्श आचार संहिता का लागू होना खियांग्ते ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन की घोषणा होने की तिथि से निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति की तिथि तक के लिए राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने का प्रावधान तय किया गया है। ये प्रावधान प्रत्याशियों औऱ राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइट सहित इंटरनेट पर डाली जाने वाली विषय वस्तु पर भी लागू होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/विकास/वंदना/विनय
लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image