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झारखंड: दिल्ली दरबार की आस संजोए लाेस चुनाव मैदान में उतरे सात विधायक

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 11 2019 7:23PM
झारखंड: दिल्ली दरबार की आस संजोए लाेस चुनाव मैदान में उतरे सात विधायक
रांची, 11 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड में इसबार एक मंत्री सहित सात विधायक भी लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने उतरे हैं। इनमें कांग्रेस के तीन विधायक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो), भाकपा-माले और आजसू से एक-एक विधायक शामिल हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने झारखंड में किसी विधायक को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया है लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सहयोगी आजसू ने गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से रामगढ़ विधायक और राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चन्द्रप्रकाश चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने गठबंधन के तहत अपनी सीटिंग सीट गिरिडीह आजसू के लिए छोड़ दी है। गिरिडीह सीट से भाजपा के रवीन्द्र कुमार पांडेय पांच बार सांसद रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पांडेय ने झामुमो के जगन्नाथ महतो को हराया था। झामुमो ने डुमरी विधायक जगन्नाथ महतो को ही इसबार गिरिडीह से चंद्रप्रकाश चौधरी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने लोहरदगा से विधायक सुखदेव भगत को लोहरदगा, बरही से विधायक मनोज यादव को चतरा और जगन्नाथपुर से कांग्रेस विधायक गीता कोड़ा को सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। कोड़ा का मुकाबला एकबार फिर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा से है। 2014 के चुनाव में कोड़ा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गिलुवा से हार गयी थीं। लोहरदगा में सुखदेव भगत का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत से है। सुदर्शन भगत 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लोहरदगा से जीत दर्ज कर चुके हैं। कांग्रेस ने इसबार पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक सुखदेव भगत पर दांव लगाया है। चतरा मेंं कांग्रेस विधायक मनोज यादव भाजपा के सांसद सुनील सिंह के अलावा विपक्षी गठबंधन के सहयोगी राजद के सुभाष यादव के साथ त्रिकोणीय संघष में फंसे हैं। विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे में चतरा लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई थी लेकिन राजद अड़ जाने से चतरा और पलामू दोनों जगहों से अपना उम्मीदवार उतार दिया। कांग्रेस को अभी भी उम्मीद है कि 12 अप्रैल तक चतरा का मामला सुलझ जायेगा। दरअसल, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 12 अप्रैल है। सुभाष यादव यदि अपना नाम वापस नहीं लेंगे तो चतरा में कांग्रेस और राजद के बीच दोस्ताना संघर्ष हो सकता है, जिसका लाभ भाजपा को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। झाविमो के प्रधान महासचिव और पोडैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव गोड्डा लोकसभा सीट से विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला स्थानीय सांसद निशिकांत दूबे से है। दूबे ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के फुरकान अंसारी को हराया था। अंसारी इसबार भी गोड्डा लोकसभा सीट के प्रबल दावेदार थे लेकिन विपक्षी गठबंधन में यह सीट झाविमो के खाते में चली गयी। भाकपा-माले ने एकबार फिर राजधनवार से विधायक राजकुमार यादव को कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है। यादव का मुकाबला झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी और भाजपा की अन्नपूर्णा देवी से होगा। लोकसभा के 2009 और 2014 के चुनाव में राजकुमार यादव दूसरे स्थान पर रहे थे। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के रवीन्द्र राय ने राजकुमार यादव को हराया था। भाजपा ने इसबार रवीन्द्र राय को टिकट नहीं दिया है और उनकी जगह हाल ही में राजद छोड़कर भाजपा में शमिल हुई अन्नपूर्णा देवी पर दांव लगाया है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/सुनील/ संजीव
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