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झारखंडः लोस चुनाव में भाजपा ने उतारे तीन नये चेहरे, दस पुराने उम्मीदवारों पर पार्टी ने फिर जताया भरोसा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 6 2019 6:11PM
झारखंडः लोस चुनाव में भाजपा ने उतारे तीन नये चेहरे, दस पुराने उम्मीदवारों पर पार्टी ने फिर जताया भरोसा
विनय कुमार रांची, 06 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में झारखंड से तीन नये चेहरे को मैदान में उतारा है। हालांकि दस पुराने चेहरों पर दोबारा भरोसा करते हुए पार्टी ने उन्हें पार्टी का टिकट थमाया है। इनमें वे दो उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो पिछले चुनाव में राज्य की दो सीटें पर मैदान मारने में विफल रहे थे। भाजपा ने शनिवार को तीन सीटों के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इससे पूर्व पार्टी की तरफ से दस सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं। पार्टी राज्य की 14 में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एक सीट उसने अपने सहयोगी दल आजसू के लिए छोड़ी है। भाजपा ने झारखंड के लिए जारी अपनी अंतिम सूची में कोडरमा सीट से पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद रवीन्द्र राय का टिकट काट दिया है। उनके स्थान पर पार्टी ने हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाली पूर्व मंत्री अन्नपूर्णा देवी को अपना उम्मीदवार बनाया है। अन्नपूर्णा देवी कोडरमा से चार बार विधायक रही हैं। अन्नपूर्णा देवी के पति रमेश यादव भी कोडरमा से विधायक रहे हैं और अविभाजित बिहार में मंत्री का पद भी संभाला था। भाजपा से बेटिकट हुए रवीन्द्र कुमार राय 2014 के लोकसभा चुनाव के समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और उनके समय में हुए चुनाव में भाजपा ने राज्य की 14 सीटों में से 12 सीटों पर कब्जा जमाया था। राय के प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में ही 2014 में झारखंड विधानसभा का चुनाव हुआ, जिसमें पहली बार भाजपा गठबंधन को राज्य में पूर्ण बहुमत मिला था। कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से इसबार झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी चुनाव लड़ रहे हैं। एक समय रवीन्द्र कुमार राय मरांडी के सबसे विश्वस्त सिपहसलार माने जाते थे। बाद में राय ने झाविमो से अपना नाता तोड़ लिया। बाबूलाल मरांडी का भी कोडरमा गृह संसदीय क्षेत्र है और इस सीट से मरांडी लगातार तीन बार लोकसभा का चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। चतरा से इसबार फिर सुनील सिंह को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार चतरा से सांसद चुने गये थे। एक कुशल संगठनकर्ता और अच्छे वक्ता के रूप में सिंह की पहचान है। इसबार चतरा में उनका मुकाबला राजद के सुभाष यादव और कांग्रेस के मनोज यादव से होने की संभावना है। राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सीट रांची से इसबार भाजपा ने एक कुशल संगठनकर्ता संजय सेठ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2014 के चुनाव में रांची से रामटहल चौधरी भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गये थे। चौधरी रांची से वर्ष 1991, 1996, 1998 और 1999 में भी लोकसभा के सदस्य बने थे। भाजपा ने 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टिकट नहीं देने की जो नीति बनायी है, उसके तहत रामटहल चौधरी को इसबार टिकट नहीं दिया गया। उनकी जगह पार्टी ने संजय सेठ के रूप में नया चेहरा चुनावी मैदान में उतारा है। रांची में संजय सेठ का मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय से होगा। सहाय 1989, 2004 और 2009 में रांची संसदीय सीट से चुनाव जीत चुके हैं और उनकी खासियत यह रही है कि वह जब भी लोकसभा चुनाव जीते हैं तब केन्द्र में मंत्री बने हैं। भाजपा राज्य की 14 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एक सीट गिरिडीह अपने सहयोगी आजसू को दी है। आजसू ने वहां से राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है। हालांकि गिरिडीह सीट भाजपा की सीटिंग सीट थी और वहां से रवीन्द्र पाण्डेय पांच बार लोकसभा सदस्य चुने गये थे। वह इस समय भी सांसद हैं लेकिन गठबंधन में यह सीट जाने के कारण भाजपा से चुनाव लड़ने की उनकी इच्छा पर विराम लग गया है। वर्ष 2014 में खूंटी से दिग्गज नेता कड़िया मुंडा ने जीत दर्ज की थी लेकिन पार्टी ने उन्हें भी उम्र के कारण इसबार उम्मीदवार नहीं बनाया। मुंडा की उम्र इस समय लगभग 82 है और इस सीट से भाजपा ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को चुनाव मैदान में उतारा है। राज्य की दस लोकसभा सीटों पर भाजपा के टिकट से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को ही इसबार भी उम्मीदवार बनाया है। इनमें गोड्डा से निशिकांत दूबे, पलामू से बीडी राम, लोहरदगा से सुदर्शन भगत, धनबाद से पीएन सिंह, जमशेदपुर से विद्युतवरण महतो, हजारीबाग से जयंत सिन्हा और सिंहभूम सीट से लक्ष्मण गिलुवा शामिल हैं। इसके अलावा संथाल परगना की दुमका और राजमहल सीट पर पार्टी ने इसबार भी अपने पुराने उम्मीदवारों पर ही दांव लगाया है। दुमका से सुनील सोरेन और राजमहल से हेमलाल मुर्मू पार्टी के उम्मीदवार होंगे। हेमलाल मुर्मू राजमहल से झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय/वंदना/ संजीव
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