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खेल व्यक्तित्व के चहुंमुखी विकास में सहायक : न्यायाधीश

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 18 2019 8:28PM
खेल व्यक्तित्व के चहुंमुखी विकास में सहायक : न्यायाधीश
बोकारो, 18 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पब्लिक स्कूल, चास का पहला वार्षिक खेल दिवस समारोह ‘स्पर्धा’ शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें विभिन्न खेल- प्रतियोगिताओं में सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया तथा अपने जौहर बिखेरे। इनमें बेहतर खेल-प्रदर्शन के आधार पर गंगा सदन को प्रथम, चेनाब सदन को द्वितीय एवं सतलज सदन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कक्षा नर्सरी, प्रेप एवं वन के बच्चों द्वारा बी ड्रिल तथा कक्षा 2 से 5 तक के विद्यार्थियों द्वारा ड्रिल, हुला हुप नृत्य की मनोरंजक प्रस्तुति ने सबका मन जीत लिया। गंगा, जमुना, चेनाब व सतलज सदन के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक ‘कदमताल’ तो काबिले तारीफ रहा। समारोह के प्रारम्भ में डीपीएस चास के हेड ब्वाॅय सृजन सिन्हा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस पहले वार्षिक खेल दिवस समारोह स्पर्धा का उद्घाटन मुख्य अतिथि बोकारो के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मो. शाकिर, विशिष्ट अतिथि डॉ. हेमलता एस. मोहन (अध्यक्ष, सांस्कृतिक संसाधन खोज एवं प्रशिक्षण केन्द्र, भारत सरकार एवं निदेशक सह प्रधानाचार्या डीपीएस बोकारो), एन. मुरलीधरन (प्रो. वाइस चेयरमैन डीपीएस, चास), सुरेश अग्रवाल (सचिव, दुर्गा देवी शिवनारायण मेमोरियल सोसायटी, चास) तथा श्याम मोहन (भूतपूर्व महाप्रबंधक, सेल, बोकारो) ने किया। इस अवसर पर छात्राओं ने सुमधुर स्वर में स्वागत-गान व विद्यालय-गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि खेल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग ही नहीं, बल्कि स्वयं में सम्पूर्ण शिक्षा है। यह व्यक्तित्व के चहुंमुखी विकास में सहायक है। यदि हम बच्चों के खेलने की स्वाभाविक प्रवृत्ति को अनुशासित दिशा देते हैं और एक सुनिश्चित फाॅर्मेट में ढाल देते हैं तो देश को अनेक विश्वस्तरीय खिलाड़ी मिल जाते हैं। खेल से बच्चे स्वतः ही उन बातों को सीखते हैं जिन्हें कक्षाओं में भी नहीं सिखाया जाता है। अनुशासन, सतर्कता, टीम-भावना आदि का विकास खेल से तो होता ही है मन, मस्तिष्क और शरीर भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों ने पुस्कार देकर प्रोत्साहित किया। मंच संचालन नवम वर्ग की छात्रा त्वेशा लाला और छात्र पी. श्रेयश मेनन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाचार्या नीलकमल सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस रश्मि सिन्हा सहित सभी शिक्षक भी मौजूद थे। आयोजन की सफलता में गतिविधि प्रभारी शिल्पी पराशर, मेनेजर को-स्कोलास्टिक सुस्मिता चौधरी, खेल शिक्षकों निखिल दत्ता एवं शशि शेखर, कला शिक्षक-राम कुमार प्रसाद सहित विद्यालय परिवार के समस्त सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक/राजीव
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